जाम्भाणी साहित्य, ग्रंथ एवं संत-काव्य संग्रह
श्री जम्भोजी की शब्दवाणी, संत साहिबरामजी कृत श्री जम्भसागर, संत विल्होजी कृत हरजस एवं पांच शताब्दियों के प्रामाणिक पांडुलिपि साक्ष्यों का डिजिटल शोध अभिलेखागार।
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साहित्य सुझाव देंप्रमुख ऐतिहासिक व आध्यात्मिक ग्रंथ
विश्नोई इतिहास, दर्शन एवं भक्ति रस के मूर्धन्य ग्रंथ, जिनका संप्रदाय में सर्वोच्च सम्मान है।
विल्होजी हरजस संग्रह (44 पावन हरजस पद)
संत विल्होजी द्वारा रचित 44 हरजस पदों का प्रामाणिक संग्रह जो जांभाणी भक्ति परंपरा का सर्वोत्कृष्ट काव्य ग्रंथ है।
शबदवाणी (120 शब्द)
गुरु जम्भेश्वर भगवान से परंपरागत रूप से संबद्ध 120 शब्दों का मूल संकलन। इस सूची प्रविष्टि में पद-पाठ पुनर्प्रकाशित नहीं है।
कथा जम्भदेव जी की (जम्भ चरित्र)
गुरु जम्भेश्वर जी के संपूर्ण जीवन-चरित्र और समराथल पर धर्म स्थापना का प्रामाणिक ऐतिहासिक काव्य ग्रंथ।
विश्नोई इतिहास (प्रामाणिक महाग्रंथ)
विश्नोई समाज के इतिहास, रियासती ताम्रपत्रों, खेजड़ली बलिदान और तीर्थों का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ।
बिश्नोई संतों के हरजस (1993) में हरजस
परमानंद जी का पोथा पर आधारित 1993 के कृष्णलाल बिश्नोई संपादित संकलन में दर्ज रचनात्मक attribution।
बिश्नोई संतों के हरजस (1993) में हरजस
परमानंद जी का पोथा पर आधारित 1993 के कृष्णलाल बिश्नोई संपादित संकलन में दर्ज रचनात्मक attribution।
संपूर्ण साहित्य एवं ग्रंथ सूची
पांडुलिपियों एवं प्रकाशित ग्रंथों का प्रामाणिक संदर्भ
विश्नोई धर्म प्रकाश
विश्नोई धर्म के सिद्धांतों, पाहल विधि, नित्य कर्म एवं पूजा पद्धति का समग्र मार्गदर्शक ग्रंथ।
केशवदासजी हरजस संग्रह (17 भक्ति पद)
संत केशवदासजी गोदारा द्वारा विरचित 17 पावन हरजस पदों का संकलन।
उनतीस नियम छंद
29 नियमों को जन-जन के कंठस्थ करने हेतु रचा गया अत्यंत प्रसिद्ध छंद।
कल्याणजी हरजस संग्रह (12 भक्ति पद)
संत कल्याणजी द्वारा रचित 12 भक्ति पदों का संकलन।
गोविंदजी हरजस संग्रह (9 भक्ति पद)
संत गोविंदजी द्वारा रचित 9 भक्ति पदों का संग्रह।
संतोजी हरजस संग्रह (6 भक्ति पद)
संत संतोजी द्वारा विरचित 6 भक्ति पदों का संकलन।
श्री जम्भ सागर (विस्तृत पद्य महाकाव्य)
गुरु जम्भेश्वर भगवान के सम्पूर्ण जीवन और पंथ इतिहास पर संत साहिबरामजी द्वारा रचित अमर महाग्रंथ।
कथा ज्ञानचारी
वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 132 dohas and chaupais।
वील्होजी की साखियां
वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 10 sakhis arranged under seven ragas।
कथा धराबंध चौजुगी
वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 53 dohas in Dhanashri।
मांझ अखाड़ा दूहा दस अवतार का
वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 27 dohas in Khambhavachi।
कथा अवतारपट (अनहरपट)
वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 142 dohas and chaupais; also called Katha Anaharpat / Autarpat Ka Bakhan / Avatarcharit Jambhoji।