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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
📖 प्रामाणिक जाम्भाणी साहित्य एवं हस्तलिखित ग्रंथ

जाम्भाणी साहित्य, ग्रंथ एवं संत-काव्य संग्रह

श्री जम्भोजी की शब्दवाणी, संत साहिबरामजी कृत श्री जम्भसागर, संत विल्होजी कृत हरजस एवं पांच शताब्दियों के प्रामाणिक पांडुलिपि साक्ष्यों का डिजिटल शोध अभिलेखागार।

80 ग्रंथ व रचनाएं
6 पांडुलिपि साक्ष्य
5 शोध संस्करण
52 रचनाकार संत

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पांडुलिपियों एवं प्रकाशित ग्रंथों का प्रामाणिक संदर्भ

6 रचनाएं
ग्रंथ / इतिहास

शबदवाणी (120 शब्द)

📜 2 पांडुलिपि साक्ष्य 📚 3 शोध संस्करण

गुरु जम्भेश्वर भगवान से परंपरागत रूप से संबद्ध 120 शब्दों का मूल संकलन। इस सूची प्रविष्टि में पद-पाठ पुनर्प्रकाशित नहीं है।

महत्व: श्री जम्भेश्वर मंदिर ट्रस्ट, मुकाम द्वारा प्रकाशित शबदवाणी संस्करण के आधार पर सूचीबद्ध।
ग्रंथ / इतिहास c. 1940 CE

विश्नोई इतिहास (प्रामाणिक महाग्रंथ)

"विश्नोई इतिहास केवल एक संप्रदाय का वृतांत नहीं, अपितु भारतीय पर्यावरण चेतना, अहिंसा, त्याग और बलिदान की अनुपम गौरव गाथा है।"

विश्नोई समाज के इतिहास, रियासती ताम्रपत्रों, खेजड़ली बलिदान और तीर्थों का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ।

महत्व: शोधकर्ताओं, विश्वविद्यालयों एवं समाज के लिए निर्विवाद ऐतिहासिक प्रमाण।
ग्रंथ / इतिहास c. 1935 CE

विश्नोई धर्म प्रकाश

"धर्म की रक्षा सदाचार, प्रकृति की सेवा और सत्य के पालन से होती है। यही गुरु जम्भेश्वर जी के 29 नियमों का शाश्वत संदेश है।"

विश्नोई धर्म के सिद्धांतों, पाहल विधि, नित्य कर्म एवं पूजा पद्धति का समग्र मार्गदर्शक ग्रंथ।

महत्व: समस्त विश्नोई मंदिरों व धामों में पूजा-पद्धति और मर्यादा का मान्य स्रोत।
ग्रंथ / इतिहास

विष्णु छत्तीसी

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 36 kundalis।

महत्व: 36 kundalis। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
ग्रंथ / इतिहास

बत्तीसी अखरी

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 39 chhandas; the thesis notes its discussion of the 29 Bishnoi principles।

महत्व: 39 chhandas; the thesis notes its discussion of the 29 Bishnoi principles। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
ग्रंथ / इतिहास

वील्होजी के आप्तोपदेश

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: Miscellaneous teachings attributed in the source collection।

महत्व: Miscellaneous teachings attributed in the source collection। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
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