संस्कार, धर्म और आधुनिक शिक्षा का
पावन डिजिटल संगम
श्री गुरु जाम्भोजी महाराज के पावन पर्यावरण उपदेशों से लेकर सिविल सेवा, आरएएस, शिक्षक भर्ती परीक्षाओं व वन्यजीव संरक्षण कानून तक — संपूर्ण अध्ययन अब हर बिश्नोई विद्यार्थी की पहुंच में।
४ प्रमुख अध्ययन संकाय
प्रत्येक संकाय का अपना विस्तृत पाठ्यक्रम, टेस्ट पेपर्स, विशेष नोट्स एवं चयनित मार्गदर्शक उपलब्ध हैं। अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार सही संकाय चुनें।
धर्म व संस्कार पीठ
श्री गुरु जाम्भोजी महाराज के पावन उपदेश, २९ नियम व १२० शब्द वाणी का प्रामाणिक अध्ययन।
प्रतियोगी परीक्षा एवं सिविल सेवा
UPSC, RAS, राज्य लोक सेवा आयोग व प्रशासनिक मेंटरशिप।
शिक्षा एवं शिक्षक भर्ती
REET, CTET, वरिष्ठ अध्यापक एवं शिक्षण विधियां।
वन्यजीव रक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण
वन्यजीव संरक्षण कानून, प्राथमिकी विधिक प्रक्रिया व फील्ड रेस्क्यू।
उपलब्ध एवं संकलित पाठ्यक्रम
धर्म, दर्शन, सिविल सेवा व वन्यजीव संरक्षण के प्रामाणिक डिजिटल पाठ्यक्रम। अपनी गति से अध्ययन करें और प्रामाणिक डिजिटल प्रमाण-पत्र प्राप्त करें।
Comprehensive masterclass on the 29 sacred principles, historical khejarli sacrifice, bio-ethics, and biodiversity conservation.
१२० पावन शब्द वाणी पदों का विशुद्ध मूल पाठ, राग वर्गीकरण एवं सरल भावार्थ।
श्री गुरु जाम्भोजी महाराज द्वारा प्रदत्त पर्यावरण व नैतिक संहिता
१२० पावन शब्दों का शुद्ध उच्चारण, व्याकरण व भावार्थ
सफल बिश्नोई प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा मार्गदर्शन व विशेष नोट्स
दैनिक ज्ञान चुनौती व अभ्यास प्रश्न
शब्द संख्या 118 ('शब्द 118: सुरगा हूंते शम्भू आयो') में वर्णित 'परम पद' की स्थिति में जीवात्मा का क्या स्वरूप सिद्ध होता है?
केंद्रीय मूल्यांकन व परीक्षा डेस्क
केंद्रीकृत ऑनलाइन परीक्षा तंत्र: स्वचालित टाइमर, सुरक्षा व तात्कालिक परिणाम।
Shabdvani
श्री शब्द वाणी १२० पावन पद — संपूर्ण प्रामाणिक टेस्ट सीरीज़
श्री गुरु जाम्भोजी महाराज के १२० पावन पदों पर आधारित संपूर्ण आधिकारिक टेस्ट सीरीज़। ६ पूर्ण प्रश्न पत्र, ३०० प्रामाणिक प्रश्न, विस्तृत समाधान एवं अखिल भारतीय रैंकिंग।
शब्द वाणी मूल्यांकन भाग ५ (पद ८१ से १०० - ज्ञान दीपक, भक्ति व योग)
इस परीक्षा में शब्द वाणी के पद ८१ से १०० तक के ज्ञान विवेक एवं परमात्मा शरणागति पर आधारित ५० प्रश्न हैं।
शब्द वाणी मूल्यांकन भाग ४ (पद ६१ से ८० - जीव दया, अहिंसा व पाहल संस्कार)
इस परीक्षा में शब्द वाणी के पद ६१ से ८० तक के जीव दया, पाहल संस्कार एवं कर्म सिद्धांत पर आधारित ५० प्रश्न हैं।
शब्द वाणी मूल्यांकन भाग ३ (पद ४१ से ६० - मन का संयम, विरक्ति व चेतावनी)
इस परीक्षा में शब्द वाणी के पद ४१ से ६० तक के सांसारिक असारता एवं मन संयम पर आधारित ५० प्रश्न हैं।
शब्द वाणी मूल्यांकन भाग २ (पद २१ से ४० - सत्य धर्म, ओंकार व अमर वाणी)
इस परीक्षा में शब्द वाणी के पद २१ से ४० तक के राग, मूल पाठ एवं नैतिक आचार संहिता पर आधारित ५० प्रश्न हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी व प्रामाणिक अध्ययन सामग्री
हस्तलिखित नोट्स, विधिक नियमावली, शब्द वाणी पाठ व प्रतियोगी परीक्षा संदर्भ ग्रंथ — समाज हेतु निःशुल्क उपलब्ध।
श्री गुरु जाम्भोजी महाराज के २९ पावन नियम — प्रामाणिक दार्शनिक व वैज्ञानिक व्याख्या
समराथल धोरे पर दिए गए २९ नियमों का वैज्ञानिक, पर्यावरणीय एवं आध्यात्मिक विश्लेषण।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम १९७२ — शिकार निरोधक विधिक नियमावली एवं प्राथमिकी प्रारूप
शिकार मामलों में पुलिस व वन विभाग के समक्ष कानूनी कार्रवाई एवं न्यायालयीन साक्ष्य संकलन।
राजस्थान इतिहास, भूगोल व कला संस्कृति — RAS/UPSC विशेष हस्तलिखित अध्ययन नोट्स
चयनित प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा तैयार परीक्षा उपयोगी त्वरित पुनरावृत्ति संकलन।
REET लेवल १ व २ — बाल विकास, शिक्षाशास्त्र एवं पर्यावरण अध्ययन सार-संग्रह
शिक्षक पात्रता परीक्षा हेतु नवीनतम पाठ्यक्रम आधारित प्रामाणिक अध्ययन सामग्री।
आचार्य एवं मार्गदर्शक मंडल
प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय आचार्य एवं विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन।
बिश्नोई विद्वत एवं संत शोध परिषद
धर्म, दर्शन व जाम्भोजी वाणी शोध पीठ
श्री जम्भेश्वर भगवान के १२० शब्द व २९ नियमों के प्रामाणिक भाष्यकार
बिश्नोई प्रशासनिक अधिकारी मंच
UPSC / RPSC प्रशासनिक सेवा मार्गदर्शन प्रकोष्ठ
आईएएस, आईपीएस एवं आरएएस अधिकारियों द्वारा चयनित अभ्यर्थियों हेतु मेंटरशिप
अखिल भारतीय बिश्नोई जीव रक्षा सभा
वन्यजीव संरक्षण कानून व फील्ड रेस्क्यू विंग
शिकार निरोधक प्राथमिकी, वन्यजीव संरक्षण अधिनियम व फील्ड रेस्क्यू विशेषज्ञ
बिश्नोई शिक्षाविद व प्राध्यापक संघ
शिक्षक भर्ती (REET/CTET) एवं बाल विकास फैकल्टी
राजकीय महाविद्यालय प्रोफेसर व विषय विशेषज्ञ
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिश्नोई विद्या पीठ, पाठ्यक्रमों और परीक्षाओं से जुड़े सामान्य प्रश्नों के उत्तर।
आपकी सीखने की यात्रा आज से शुरू होती है।
बिश्नोई समाज के विद्यार्थियों, अधिकारियों व विद्वानों के साथ जुड़ें और अपनी तैयारी को शीर्ष स्तर पर ले जाएं।