शैक्षणिक प्रेरणा एवं समाज गौरव
बिश्नोई समाज की समृद्ध परंपरा: पर्यावरण चेतना, प्रशासनिक सेवा में निष्ठा, शिक्षक वर्ग का योगदान एवं वन्यजीव रक्षा की अनुपम गाथाएं।
कर्तव्यनिष्ठा एवं लोक सेवा
बिश्नोई समाज के प्रशासनिक अधिकारियों ने सत्य, निष्पक्षता और जनसेवा के उच्च मानदंड स्थापित किए हैं। विद्या पीठ का उद्देश्य समाज की नई पीढ़ी को सिविल सेवा (UPSC / RAS) में उत्कृष्ट मार्गदर्शन प्रदान करना है।
ज्ञान दान व संस्कार निर्माण
ग्रामीण अंचलों में बालकों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में बिश्नोई शिक्षकों की ऐतिहासिक भूमिका रही है। REET एवं CTET भर्ती परीक्षा की निःशुल्क तैयारी इसी परंपरा का विस्तार है।
अमृता देवी एवं खेजड़ली अमर बलिदान
संवत् १७८७ (१७३० ई.) में खेजड़ली में ३६३ शहीदों द्वारा वृक्षों व जीवों की रक्षा हेतु दिया गया आत्मोत्सर्ग विश्व इतिहास में अद्वितीय है। विद्या पीठ वन्यजीव कानून व पर्यावरण संरक्षण की व्यावहारिक दीक्षा देता है।