Skip to main content
विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
पर्यावरण संरक्षण प्राधिकरण प्रमाण-सत्यापित

पर्यावरण संरक्षण एवं जैवविविधता विरासत

Conservation & Environmental Legacy

जीव दया पालणी, रूंख लीलो न घावे — बिश्नोई समाज वन्यजीव एवं वृक्ष संरक्षण परियोजनाएं

बिश्नोई समुदाय की प्रामाणिक पर्यावरण निष्ठा का अन्वेषण करें: सदियों से पवित्र खेजड़ी वृक्षों की रक्षा, जन-संरक्षित पावन ओरण, कृष्णमृग एवं गोडावण अभयारण्य, तथा पश्चिमी राजस्थान व उत्तर भारत में सक्रिय पंजीकृत जीव रक्षा व रेस्क्यू नेटवर्क।

भू-स्थानिक संरक्षण एटलस

पवित्र ओरणों, वन्यजीव अभयारण्यों, शिकार-रोधी निगरानी केंद्रों एवं संबद्ध गांवों का इंटरैक्टिव मानचित्र देखें।

11 सत्यापित संरक्षण कार्य प्रमाणित स्तर A/B/C परियोजनाएं
5 पावन ओरण एवं वन संरक्षित ओरण एवं वृक्षारोपण
5 वन्यजीव अभयारण्य व केंद्र कृष्णमृग, चिंकारा व गोडावण पर्यावास
8 संबद्ध संरक्षित गांव संरक्षण केंद्रों से जुड़े विशिष्ट गांव

सत्यापित संरक्षण परियोजनाएं

चार-चरणीय प्रमाण संहिता पर खरी उतरीं पर्यावरण, वन्यजीव एवं पावन ओरण संरक्षण परियोजनाएं।

कुल 11 सत्यापित पहलों में से 1–11 प्रदर्शित

वन्यजीव रक्षा एवं सुरक्षा
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

अबोहर कृष्णमृग वन्यजीव अभयारण्य

Abohar Blackbuck Wildlife Sanctuary

राजनवाली (फाजिल्का) MDDS 035629

पंजाब के फाजिल्का जिले में १३ बिश्नोई गांवों के १८,६५० हेक्टेयर निजी कृषि क्षेत्रों में फैला अनूठा खुला वन्यजीव अभयारण्य। यहां ३,५०० से अधिक कृष्णमृग और नीलगाय बिना किसी बाड़ या पिंजरे के खेतों में स्वच्छंद विचरण करते हैं, जिनका संरक्षण ग्रामीण बिश्नोई समाज धर्म मानकर करता है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: अनुमानित (ग्राम केंद्र स्तर पर सुरक्षित)
वन्यजीव उपचार एवं रेस्क्यू
सक्रिय अभियान स्तर B (Level B) — शोध समर्थित

अखिल भारतीय बिश्नोई वन्यजीव रेस्क्यू एवं शिकार विरोधी निगरानी नेटवर्क

All India Bishnoi Wildlife Rescue & Anti-Poaching Vigilance Network

पश्चिमी राजस्थान पर्यावरण परिदृश्य

अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा द्वारा संचालित अंतरराज्यीय वन्यजीव रेस्क्यू एंबुलेंस एवं शिकार विरोधी स्वयंसेवक नेटवर्क। घायल हिरणों, चिंकारा शावकों और राष्ट्रीय पक्षी मोर के प्राथमिक उपचार के साथ शिकारियों के विरुद्ध त्वरित कानूनी पैरवी सुनिश्चित करता है।

2 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: अनुमानित (ग्राम केंद्र स्तर पर सुरक्षित)
वन्यजीव रक्षा एवं सुरक्षा
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

बड़ोपल-गोरखपुर कृष्णमृग संरक्षण क्षेत्र

Badopal-Gorakhpur Blackbuck Protection Corridor

बड़ोपल (फतेहाबाद) MDDS 060447

हरियाणा के फतेहाबाद जिले में कृष्णमृगों का प्रमुख प्राकृतिक आवास। बिश्नोई समाज के सजग आंदोलन और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के न्यायिक आदेशों से इस क्षेत्र को तारबंदी और औद्योगिक खतरों से मुक्त रखकर वन्यजीवों का संरक्षण सुनिश्चित किया गया।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: अनुमानित (ग्राम केंद्र स्तर पर सुरक्षित)
ओरण एवं पवित्र उपवन संरक्षण
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

धावा डोली वन्यजीव आरक्षित क्षेत्र

Dhawa Doli Wildlife Reserve & Closed Area

डोली (जोधपुर) MDDS 085275

जोधपुर के दक्षिण-पश्चिम में स्थित पारंपरिक आखेट निषिद्ध क्षेत्र एवं सामुदायिक ओरण। यह क्षेत्र भारतीय चिंकारा, कृष्णमृग और मरुस्थलीय लोमड़ी का प्राकृतिक आश्रय स्थल है, जहां स्थानीय बिश्नोई समाज द्वारा नियमित निगरानी रखी जाती है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: अनुमानित (ग्राम केंद्र स्तर पर सुरक्षित)
वन्यजीव रक्षा एवं सुरक्षा
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

गुड़ा विश्नोइयां कंजर्वेशन रिज़र्व

Guda Bishnoiyan Conservation Reserve

गुड़ा विश्नोइयां (जोधपुर) MDDS 085585

राजस्थान वन विभाग द्वारा गुड़ा विश्नोई झील एवं आसपास के क्षेत्र में अधिसूचित वैधानिक कंजर्वेशन रिज़र्व। यह सैकड़ों स्वच्छंद विचरण करने वाले कृष्णमृगों व चिंकारों का प्राकृतिक आवास है और शीतकाल में प्रवासी पक्षी कुरजां (डेमोइसेल क्रेन) का प्रमुख पड़ाव स्थल है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
पारंपरिक जल संरक्षण
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

जाम्भोलाव पावन सरोवर एवं वेटलैंड

Jambholav Wetland & Sarovar

थार मरुस्थल के हृदय में स्थित ऐतिहासिक पावन सरोवर एवं जल संचयन ओएसिस। यह वन्यजीवों और शीतकालीन प्रवासी जलपक्षियों के लिए जीवनदायी जलस्रोत है, जिसकी पवित्रता और जलग्रहण क्षेत्र का संरक्षण समाज द्वारा किया जाता है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
वृक्ष एवं वनस्पति संरक्षण
शाश्वत सामुदायिक पहरेदारी स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

खेजड़ली पावन ओरण एवं स्मृति वन संवर्धन

Khejarli Sacred Grove & Memorial Afforestation

खेजड़ली कलां (जोधपुर) MDDS 085601

खेजड़ली में 1730 ई. के 363 शहीदों के पावन स्थल पर स्थित खेजड़ी वृक्षों के पवित्र ओरण का सतत संरक्षण। इसके अंतर्गत पारंपरिक बिश्नोई नियमों के अनुसार हरे वृक्षों की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध, देशी खेजड़ी पौधशाला संचालन और सामुदायिक जल संरक्षण शामिल है।

4 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
ओरण एवं पवित्र उपवन संरक्षण
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

लोहावट पावन ओरण एवं वन्यजीव शरणस्थली

Lohawat Historic Oran & Sathri Sanctuary

लोहावट (फलोदी) MDDS 084478
संरक्षक संस्था: विश्नोई टाइगर फोर्स

लोहावट साथरी धाम से संलग्न ऐतिहासिक पावन ओरण, जहां घायल चिंकारों व अनाथ शावकों के लिए प्राथमिक उपचार व देखभाल केंद्र संचालित है। उपचारोपरांत वन्यजीवों को पुनः प्राकृतिक आवास में मुक्त किया जाता है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
ओरण एवं पवित्र उपवन संरक्षण
शाश्वत सामुदायिक पहरेदारी स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

मुकाम पावन ओरण एवं समाधि वन

Mukam Sacred Oran & Samadhi Van

मुकाम (तालवा) (बीकानेर) MDDS 069634

मुकाम मुक्तिधाम में गुरु जाम्भोजी के समाधि स्थल के चारों ओर विस्तृत सदियों पुराना पावन ओरण। यहां खेजड़ी, जाल और रोहिड़ा के प्राचीन वृक्ष पूर्णतः संरक्षित हैं, जहां धार्मिक मर्यादा के अंतर्गत लकड़ी काटना अथवा हरे वृक्षों को क्षति पहुंचाना सर्वथा वर्जित है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
वन्यजीव रक्षा एवं सुरक्षा
सक्रिय अभियान स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

रोटू कृष्णमृग सामुदायिक संरक्षण रिज़र्व

Rotu Blackbuck Community Conservation Reserve

रोटू (नागौर) MDDS 082534

रोटू गांव के पारंपरिक ओरण क्षेत्र में कृष्णमृग एवं चिंकारा के प्राकृतिक आवास का संरक्षण। बिश्नोई समाज के अथक प्रयासों से इसे राजस्थान सरकार द्वारा औपचारिक 'कंजर्वेशन रिज़र्व' अधिसूचित किया गया है, जहां समुदाय द्वारा पेयजल कुंड और नियमित निगरानी संचालित होती है।

2 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: अनुमानित (ग्राम केंद्र स्तर पर सुरक्षित)
वृक्ष एवं वनस्पति संरक्षण
शाश्वत सामुदायिक पहरेदारी स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

समराथल धोरा पावन ओरण एवं बालूका स्तूप

Samrathal Dhora Sacred Dune & Ecosystem

मुकाम (तालवा) (बीकानेर) MDDS 069634

समराथल धोरा का पावन बालूका स्तूप एवं पारिस्थितिकी तंत्र, जहां १४८५ ई. में गुरु जाम्भोजी ने बिश्नोई पंथ की स्थापना कर २९ नियमों का उपदेश दिया। यह स्थल खनन और वन विनाश से पूर्णतः मुक्त सामुदायिक संरक्षित ओरण है।

1 प्रमाणित साक्ष्य गोपनीयता: सार्वजनिक सटीक निर्देशांक
सामुदायिक शोध एवं जन-सहभागिता

क्या आप किसी ऐतिहासिक अथवा स्थानीय बिश्नोई पावन ओरण / जीव रक्षा केंद्र से परिचित हैं?

प्रामाणिक ऐतिहासिक अभिलेख अथवा स्थानीय पर्यावरण संरक्षण कार्य की सूचना शोध समीक्षा हेतु भेजें।

सभी प्रविष्टियां स्तर-ई क्वारंटाइन में दर्ज होती हैं और प्रकाशन से पूर्व चार-चरणीय साक्ष्य द्वार के अंतर्गत संपादकीय व शोध समीक्षा से गुजरती हैं। अप्रमाणित या भ्रामक दावे स्वीकार्य नहीं हैं।

सत्यापन हेतु नई संरक्षण पहल का प्रस्ताव भेजें ▼

स्वतः प्रकाशन पूर्णतः वर्जित है। सत्यापन तक प्रविष्टि स्तर-ई में सुरक्षित रहेगी।

📡 ऑफलाइन मोड सक्रिय (Offline Mode Active) आपातकालीन नंबर →