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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
📖 प्रामाणिक जाम्भाणी साहित्य एवं हस्तलिखित ग्रंथ

जाम्भाणी साहित्य, ग्रंथ एवं संत-काव्य संग्रह

श्री जम्भोजी की शब्दवाणी, संत साहिबरामजी कृत श्री जम्भसागर, संत विल्होजी कृत हरजस एवं पांच शताब्दियों के प्रामाणिक पांडुलिपि साक्ष्यों का डिजिटल शोध अभिलेखागार।

80 ग्रंथ व रचनाएं
6 पांडुलिपि साक्ष्य
5 शोध संस्करण
52 रचनाकार संत

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पांडुलिपियों एवं प्रकाशित ग्रंथों का प्रामाणिक संदर्भ

13 रचनाएं
कथा / चरित्र c. 1580 CE

कथा जम्भदेव जी की (जम्भ चरित्र)

✍️ रचयिता: संत वील्होजी
📜 2 पांडुलिपि साक्ष्य
"संवत पंद्रह सौ बयालीस, कार्तिक सुदी आठम बुधवार। समराथल पर थंभ रोपियो, विश्नोई पंथ कियो विस्तार॥"

गुरु जम्भेश्वर जी के संपूर्ण जीवन-चरित्र और समराथल पर धर्म स्थापना का प्रामाणिक ऐतिहासिक काव्य ग्रंथ।

महत्व: विश्नोई धर्म के स्थापना वर्ष एवं प्रारंभिक इतिहास की सबसे प्रामाणिक काव्यमयी साक्ष्य कृति।
कथा / चरित्र Early 19th Century AD

श्री जम्भ सागर (विस्तृत पद्य महाकाव्य)

📚 1 शोध संस्करण
"प्रथम सुमिर श्री गुरु चरण, जम्भेश्वर सुख रास। सागर सम गुण जिनह के, साहिब कहै प्रकास॥"

गुरु जम्भेश्वर भगवान के सम्पूर्ण जीवन और पंथ इतिहास पर संत साहिबरामजी द्वारा रचित अमर महाग्रंथ।

महत्व: 19वीं शताब्दी का डिंगल पद्य महाकाव्य (1805 ई.), जिसमें गुरु जम्भेश्वर जी के सम्पूर्ण जीवन, देशाटन, समकालीन राजाओं से संवाद और पंथ इतिहास का विस्तृत विवरण है।
कथा / चरित्र

कथा ज्ञानचारी

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 132 dohas and chaupais।

महत्व: 132 dohas and chaupais। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा धराबंध चौजुगी

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 53 dohas in Dhanashri।

महत्व: 53 dohas in Dhanashri। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

मांझ अखाड़ा दूहा दस अवतार का

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 27 dohas in Khambhavachi।

महत्व: 27 dohas in Khambhavachi। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा अवतारपट (अनहरपट)

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 142 dohas and chaupais; also called Katha Anaharpat / Autarpat Ka Bakhan / Avatarcharit Jambhoji।

महत्व: 142 dohas and chaupais; also called Katha Anaharpat / Autarpat Ka Bakhan / Avatarcharit Jambhoji। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा गूगलिये की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 86 dohas and chaupais in Asa।

महत्व: 86 dohas and chaupais in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा पूल्हेजी की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 25 dohas and chaupais in Asa।

महत्व: 25 dohas and chaupais in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा सच अखरी विगतावली

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 55 dohas and chaupais।

महत्व: 55 dohas and chaupais। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा दूणापुर की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 65 chhandas in Asa।

महत्व: 65 chhandas in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

वील्होजी की परमारूपि छप्पय

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 45 chhappayas।

महत्व: 45 chhappayas। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा जैसलमेर की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 112 dohas, chhappayas and kavitts।

महत्व: 112 dohas, chhappayas and kavitts। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
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