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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
कथा / चरित्र 🗓 c. 1580 CE Dingal / Rajasthani ✓ स्तर B (Level B) — शोध समर्थित

कथा जम्भदेव जी की (जम्भ चरित्र)

✍️ रचयिता महापुरुष: संत वील्होजी 🎵 44 हरजस

ग्रंथ परिचय एवं मूल पाठ

c. 1580 CE
— मूल पद / मंगलाचरण पाठ (डिंगल / प्राचीन राजस्थानी)

"संवत पंद्रह सौ बयालीस, कार्तिक सुदी आठम बुधवार। समराथल पर थंभ रोपियो, विश्नोई पंथ कियो विस्तार॥"

गुरु जम्भेश्वर जी के संपूर्ण जीवन-चरित्र और समराथल पर धर्म स्थापना का प्रामाणिक ऐतिहासिक काव्य ग्रंथ।

🏛️ ऐतिहासिक व साहित्यिक महत्व

विश्नोई धर्म के स्थापना वर्ष एवं प्रारंभिक इतिहास की सबसे प्रामाणिक काव्यमयी साक्ष्य कृति।

📜 ऐतिहासिक पांडुलिपि साक्ष्य एवं अभिलेखागार

प्राचीन हस्तलिखित पोथियों, गुटकों एवं अभिलेखीय प्रतियों का प्रामाणिक विवरण

2 पांडुलिपियां
🏛️ Rajasthan Oriental Research Institute (RORI), Jodhpur
RORI-JODH-8762

Jambha Charitra - RORI Jodhpur Codex

⏳ V.S. 1685 / c. 1628 CE

लिपिकार (लेखक): Mahant Ramdasji (Jodhpur Pustak Prakash lineage)
लिपि: Devanagari (Old Western Rajasthani)
पत्र / फोलियो: Folios 1-136
काल: 17th c. CE
भौतिक विवरण: Marwari manuscript recording the verse biography of Guru Jambheshwarji by Sant Vilhoji; folios bordered in yellow orpiment.
📖 संदर्भ स्रोत: Directorate of Oriental Research. (1963). Catalogue of Rajasthani Manuscripts in RORI Jodhpur, Vol. 2, p. 142 (Accession #8762).
🏛️ Rajasthan Oriental Research Institute (RORI) / Mukam Cell
RORI-JODH-3412

Ransi Gaon Prachin Pothi

⏳ V.S. 1715 / c. 1658 CE

लिपिकार (लेखक): Kevalramji Bishnoi
लिपि: Devanagari
पत्र / फोलियो: Folios 1-84
काल: 17th c. CE
भौतिक विवरण: Sanganeri rag paper, bound in red cloth pustaka style, containing early redactions of Jambhani banis and biographical sakhis.
📖 संदर्भ स्रोत: Maheshwari, Hira Lal. (1972). Jambhoji: Biography, Philosophy & Literature. Sahitya Akademi, New Delhi, pp. 45–130.

ग्रंथ साक्ष्य एवं शोध संदर्भ

Canonical literary work 'Katha Jamba Deva Ji Ki (Jambha Charitra)' catalogued in authoritative studies.

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.

ग्रंथ संदर्भ विवरण

साहित्य विधा कथा / चरित्र
रचना काल c. 1580 CE
भाषा / बोली Dingal / Rajasthani
पांडुलिपि साक्ष्य 2
शोध संस्करण 0
साक्ष्य स्तर स्तर B (Level B) — शोध समर्थित
रचनाकार परिचय

संत वील्होजी

संत वील्होजी जाम्भाणी साहित्य के प्रमुख कवि हैं। “वील्होजी की वाणी” में अनेक कथात्मक और पद्य रचनाएँ संकलित हैं; उपलब्ध अकादमिक अध्ययन इनके 20 हरजस आठ रागों में बताता है।

🌱 जन्म स्थान: Ransi Gaon
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