जीवन चरित्र एवं साधना दर्शन
संत साहित्यकार / इतिहासकार🌟 मुख्य उपदेश व जीवन मूल्य
जांभाणी इतिहास का संरक्षण, गुरु सिद्धांतों का आख्यान एवं भक्ति का प्रसार।
स्रोत एवं ऐतिहासिक साक्ष्य
Authored the monumental historical Dingal epic Sri Jambha Sagar (c. 1805 AD) detailing the life and mission of Guru Jambhoji.
स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
- Sant Sahibramji (संत साहिबरामजी). Sri Jambha Sagar & Jambha Charitra (श्री जम्भ सागर एवं जम्भ चरित्र), Rajasthan Oriental Research Institute (RORI) Archives, 1805.
प्रमाणित साहित्य रचनाएं एवं ग्रंथ
मूल डिंगल/राजस्थानी पद, साखियां एवं छंद
श्री जम्भ सागर (विस्तृत पद्य महाकाव्य)
"प्रथम सुमिर श्री गुरु चरण, जम्भेश्वर सुख रास। सागर सम गुण जिनह के, साहिब कहै प्रकास॥"
— मूल पाठ / पदगुरु जम्भेश्वर भगवान के सम्पूर्ण जीवन और पंथ इतिहास पर संत साहिबरामजी द्वारा रचित अमर महाग्रंथ।
साहित्य स्रोत: Sri Jambha Sagar (Complete Verse Epic)
Canonical poetic chronicle Sri Jambha Sagar documented in Rajasthan Oriental Research Institute (RORI) archives.
स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
- Sant Sahibramji (संत साहिबरामजी). Sri Jambha Sagar & Jambha Charitra (श्री जम्भ सागर एवं जम्भ चरित्र), Rajasthan Oriental Research Institute (RORI) Archives, 1805.
📷 संत छायाचित्र दीर्घा (फ़ोटो गैलरी)
सत्यापित एवं समुदाय द्वारा प्रेषित ऐतिहासिक छायाचित्र
संक्षिप्त संदर्भ विवरण
पवित्र शबदवाणी पढ़ें
गुरु जम्भेश्वर भगवान द्वारा उच्चारित 120 पावन शब्दों का संपूर्ण संग्रह, भावार्थ एवं ऑडियो श्रवण।
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