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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
📖 प्रामाणिक जाम्भाणी साहित्य एवं हस्तलिखित ग्रंथ

जाम्भाणी साहित्य, ग्रंथ एवं संत-काव्य संग्रह

श्री जम्भोजी की शब्दवाणी, संत साहिबरामजी कृत श्री जम्भसागर, संत विल्होजी कृत हरजस एवं पांच शताब्दियों के प्रामाणिक पांडुलिपि साक्ष्यों का डिजिटल शोध अभिलेखागार।

80 ग्रंथ व रचनाएं
6 पांडुलिपि साक्ष्य
5 शोध संस्करण
52 रचनाकार संत

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साहित्य सुझाव दें
प्रमुख जाम्भाणी महाकाव्य व संहिताएं

प्रमुख ऐतिहासिक व आध्यात्मिक ग्रंथ

विश्नोई इतिहास, दर्शन एवं भक्ति रस के मूर्धन्य ग्रंथ, जिनका संप्रदाय में सर्वोच्च सम्मान है।

हरजस (भक्ति पद) 16th Century AD

विल्होजी हरजस संग्रह (44 पावन हरजस पद)

✍️ रचयिता: संत वील्होजी
📜 1 पांडुलिपि 📚 1 संस्करण
"हरि नाम बिना जग अंध भयो, गुरु जम्भ दया कर तार लियो। जन विल्हो कहै सुनो संतो, साँचो पंथ विस्तार कियो॥"

संत विल्होजी द्वारा रचित 44 हरजस पदों का प्रामाणिक संग्रह जो जांभाणी भक्ति परंपरा का सर्वोत्कृष्ट काव्य ग्रंथ है।

ग्रंथ / इतिहास

शबदवाणी (120 शब्द)

📜 2 पांडुलिपि 📚 3 संस्करण

गुरु जम्भेश्वर भगवान से परंपरागत रूप से संबद्ध 120 शब्दों का मूल संकलन। इस सूची प्रविष्टि में पद-पाठ पुनर्प्रकाशित नहीं है।

कथा / चरित्र c. 1580 CE

कथा जम्भदेव जी की (जम्भ चरित्र)

✍️ रचयिता: संत वील्होजी
📜 2 पांडुलिपि
"संवत पंद्रह सौ बयालीस, कार्तिक सुदी आठम बुधवार। समराथल पर थंभ रोपियो, विश्नोई पंथ कियो विस्तार॥"

गुरु जम्भेश्वर जी के संपूर्ण जीवन-चरित्र और समराथल पर धर्म स्थापना का प्रामाणिक ऐतिहासिक काव्य ग्रंथ।

ग्रंथ / इतिहास c. 1940 CE

विश्नोई इतिहास (प्रामाणिक महाग्रंथ)

"विश्नोई इतिहास केवल एक संप्रदाय का वृतांत नहीं, अपितु भारतीय पर्यावरण चेतना, अहिंसा, त्याग और बलिदान की अनुपम गौरव गाथा है।"

विश्नोई समाज के इतिहास, रियासती ताम्रपत्रों, खेजड़ली बलिदान और तीर्थों का सबसे प्रामाणिक ग्रंथ।

भजन / पद

बिश्नोई संतों के हरजस (1993) में हरजस

✍️ रचयिता: ऊदोजी नैणा

परमानंद जी का पोथा पर आधारित 1993 के कृष्णलाल बिश्नोई संपादित संकलन में दर्ज रचनात्मक attribution।

भजन / पद

बिश्नोई संतों के हरजस (1993) में हरजस

✍️ रचयिता: आलमजी

परमानंद जी का पोथा पर आधारित 1993 के कृष्णलाल बिश्नोई संपादित संकलन में दर्ज रचनात्मक attribution।

संपूर्ण साहित्य एवं ग्रंथ सूची

पांडुलिपियों एवं प्रकाशित ग्रंथों का प्रामाणिक संदर्भ

80 रचनाएं
कथा / चरित्र

कथा गूगलिये की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 86 dohas and chaupais in Asa।

महत्व: 86 dohas and chaupais in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा पूल्हेजी की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 25 dohas and chaupais in Asa।

महत्व: 25 dohas and chaupais in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा सच अखरी विगतावली

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 55 dohas and chaupais।

महत्व: 55 dohas and chaupais। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
ग्रंथ / इतिहास

विष्णु छत्तीसी

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 36 kundalis।

महत्व: 36 kundalis। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
कथा / चरित्र

कथा दूणापुर की

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 65 chhandas in Asa।

महत्व: 65 chhandas in Asa। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
साखी

ऊदोजी नैणा की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

✍️ रचयिता: ऊदोजी नैणा

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 14 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
साखी

आलमजी की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

✍️ रचयिता: आलमजी

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 4 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
साखी

संत वील्होजी की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 10 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
साखी

सुरजनदास जी पूनियां की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 9 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
कथा / चरित्र

वील्होजी की परमारूपि छप्पय

✍️ रचयिता: संत वील्होजी

वील्होजी की वाणी के संबंध में अकादमिक अध्ययन इसे इस प्रकार बताता है: 45 chhappayas।

महत्व: 45 chhappayas। मूल पाठ के लिए उद्धृत संस्करण देखें।
साखी

तेजोजी चारण की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

✍️ रचयिता: तेजोजी चारण

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 1 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
साखी

समसदीन जी की साखियां (साखी भावार्थ प्रकाश)

✍️ रचयिता: समसदीन जी

उद्धृत समुदाय सूची इस कवि के नाम 3 साखी दर्ज करती है। यह सूची का attribution है, स्वतंत्र आलोचनात्मक संस्करण की गणना नहीं।

महत्व: केवल सूचीगत attribution; पद-पाठ यहां पुनर्प्रकाशित नहीं है।
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