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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
🎵 9 प्रमाणित हरजस पद 🗓 16th Century AD — 17th Century AD ✓ अकादमिक प्रमाणीकरण (महेश्वरी 1972)

संत गोविंदजी

Sant Govindji

प्रमुख हरजस रचयिता; नैतिक सत्य एवं वैराग्य पर आधारित 9 हरजस पदों के रचयिता

हरजस पद संग्रह एवं काव्य वैशिष्ट्य

9 प्रमाणित पद (परंपरा A)
पूर्ण जीवन परिचय देखें →
— मंगलाचरण / मूल पद (डिंगल / प्राचीन राजस्थानी)

"गोविंद गुण गावे जो नर नारी, छूटे जनम मरण की बारी। गुरु वचनों पर जो मन लावै, सो जन निज सुख धाम सिधावै॥"

संत गोविंदजी द्वारा रचित 9 भक्ति पदों का संग्रह।

साहित्यिक व भक्ति योगदान

संत गोविंदजी 9 प्रामाणिक हरजस पदों के रचनाकार हैं। उनके पदों में गृहस्थ धर्म का पालन करते हुए भी निष्काम भक्ति और नैतिक पवित्रता बनाए रखने का सरल और प्रभावशाली उपदेश है।

ऐतिहासिक संदर्भ: 9 नैतिक एवं आध्यात्मिक पद जो गृहस्थ धर्म में रहते हुए भी सात्विकता और प्रभु स्मरण का मार्ग दिखाते हैं।

हरजस साक्ष्य व शोध संदर्भ

Composed 9 documented Harjas hymns recognized in academic manuscript inventories.

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.

रचना साक्ष्य: Govindji Harjas Sangrah (9 Devotional Hymns)

Canonical literary work 'Govindji Harjas Sangrah (9 Devotional Hymns)' catalogued by Dr. Hira Lal Maheshwari (1972).

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.
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