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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
🎵 6 प्रमाणित हरजस पद 🗓 16th Century AD — 17th Century AD ✓ अकादमिक प्रमाणीकरण (महेश्वरी 1972)

संत संतोजी

Sant Santoji

प्रमुख हरजस रचयिता; 6 पावन भक्ति पदों के रचनाकार

हरजस पद संग्रह एवं काव्य वैशिष्ट्य

6 प्रमाणित पद (परंपरा A)
पूर्ण जीवन परिचय देखें →
— मंगलाचरण / मूल पद (डिंगल / प्राचीन राजस्थानी)

"संतोष धरो मन निर्मल कीजै, गुरु चरणन में सुरति दीजै। समराथल जांभोलाव नहाई, तन मन की सब तपनि बुझाई॥"

संत संतोजी द्वारा विरचित 6 भक्ति पदों का संकलन।

साहित्यिक व भक्ति योगदान

संत संतोजी 6 पावन हरजस पदों के रचनाकार हैं। उनके काव्य में संतोष, समभाव और पावन तीर्थों (समराथल व जांभोलाव) की महिमा का सुंदर वर्णन मिलता है। वे षट्कवियों की पावन परंपरा के छठे प्रमुख हस्ताक्षर हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ: संतोष, समभाव और समराथल व जांभोलाव तीर्थों की महिमा से परिपूर्ण 6 पावन पद।

हरजस साक्ष्य व शोध संदर्भ

Composed 6 classical Harjas compositions completing the 112-poem documented sextet layer.

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.

रचना साक्ष्य: Santoji Harjas Sangrah (6 Devotional Hymns)

Canonical literary work 'Santoji Harjas Sangrah (6 Devotional Hymns)' catalogued by Dr. Hira Lal Maheshwari (1972).

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.
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