Skip to main content
विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
🎵 12 प्रमाणित हरजस पद 🗓 16th Century AD — 17th Century AD ✓ अकादमिक प्रमाणीकरण (महेश्वरी 1972)

संत कल्याणजी

Sant Kalyanji

प्रमुख हरजस रचयिता; 12 भक्ति एवं अहिंसा परक पदों के रचनाकार

हरजस पद संग्रह एवं काव्य वैशिष्ट्य

12 प्रमाणित पद (परंपरा A)
पूर्ण जीवन परिचय देखें →
— मंगलाचरण / मूल पद (डिंगल / प्राचीन राजस्थानी)

"कल्याण करो प्रभु दीन दयाला, जीव दया व्रत पालो सुभागा। उनतीस नियम धर चित मांही, जांभाणी संतन अनुरागा॥"

संत कल्याणजी द्वारा रचित 12 भक्ति पदों का संकलन।

साहित्यिक व भक्ति योगदान

संत कल्याणजी 12 पावन हरजस पदों के रचयिता हैं। उनके पदों में गेयता, शास्त्रीय राग-रागिनियों का प्रवाह और लोक कल्याण की उदात्त भावना दृष्टिगोचर होती है। वे गुरु वचनों और जीव रक्षा को मानव जीवन का सर्वोच्च कर्तव्य बताते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ: 12 मधुर हरजस पद जो सर्वकल्याण, अहिंसा और 29 नियमों की आचार संहिता पर आधारित हैं।

हरजस साक्ष्य व शोध संदर्भ

Authenticated composer of 12 Harjas compositions verified in Dr. Maheshwari academic manuscript census.

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.

रचना साक्ष्य: Kalyanji Harjas Sangrah (12 Devotional Hymns)

Canonical literary work 'Kalyanji Harjas Sangrah (12 Devotional Hymns)' catalogued by Dr. Hira Lal Maheshwari (1972).

स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

  • Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji and His Literature (श्री जम्भोजी और उनका साहित्य), Sahitya Akademi / Rajasthani Bhasha Sahitya evam Sanskriti Akademi, Bikaner, 1972, p. pp. 45–130.
📡 ऑफलाइन मोड सक्रिय (Offline Mode Active) आपातकालीन नंबर →