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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
Census MDDS: 069634_SAM स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित 🛕 पावन तीर्थ धाम 🦌 वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र

Samrathal Dhora

समराथल धोरा

District: Bikaner • Tehsil: Nokha • State: Rajasthan • PIN: 334803

ऐतिहासिक धरोहर एवं उद्भव

Bishnoi-Founded Settlement
समराथल धोरा विश्नोई धर्म की पावन उद्गम स्थली है। विक्रम संवत 1542 (1485 ई.) कार्तिक शुक्ला अष्टमी को गुरु जम्भेश्वर भगवान ने यहाँ पाहल बनाकर 29 नियमों के साथ विश्नोई पंथ की स्थापना की।
प्रमुख ऐतिहासिक विभूतियां व संत

प्रथम पाहल ग्रहण करने वाले 29 प्रमुख शिष्य एवं संत

🛕 पावन तीर्थ धाम, साथरी व ऐतिहासिक स्मारक

1 तीर्थ स्थल
पावन साथरी 🗓 वार्षिक मेला: Kartika Shukla Ashtami & Amavasya

दीन मठ एवं पावन कांकड़ वृक्ष (समराथल धोरा)

Samrathal Deen Math & Sacred Kankad Tree

विश्नोई धर्म का पावन उद्गम स्थल जहाँ गुरुदेव ने 1485 ई. में पाहल बनाकर 29 नियमों का उपदेश दिया।

📜

संबद्ध पूज्य संत एवं साहित्य परंपरा

इस पावन धरा से जुड़े गुरु, शिष्य एवं संत साहित्यकार

संत परंपरा →
गुरु / धर्म संस्थापक tapasya sthal
1451 CE (VS 1508) — 1536 CE (VS 1593)

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान (1451-1536 ई. / वि.सं. 1508-1593) विश्नोई धर्म के प्रवर्तक एवं आराध्य देव हैं। आपका प्राकट्य भाद्रपद कृष्णा अष्टमी (जन्माष्टमी) को नागौर जिले के पीपासर गांव में पंवार क्षत्रिय ठाकुर लोहटजी एवं माता हंसा देवी के घर हुआ। बाल्यकाल में मौन साधना व अद्भुत ज्ञान के उपरांत वि.सं. 1542 (1485 ई.) की कार्तिक शुक्ला अष्टमी को समराथल धोरे पर पाहल बनाकर विश्नोई धर्म की स्थापना की। आपने 29 पावन नियमों एवं 120 अमृतमयी शब्दों (शबदवाणी) का दिव्य उपदेश दिया, जिसमें अहिंसा, वृक्ष एवं वन्यजीव संरक्षण, सत्य और शुचिता का अद्वितीय संदेश निहित है।

रचनाएं: शबदवाणी (120 शब्द)

आधिकारिक जनगणना व जनसांख्यिकी

Census of India
2011 MDDS Code 069634_SAM
2001 Census Code 00324800_S
Total Census Population 1,250
Bishnoi Households 180
Demographic Ratio Bishnoi Dominant
GPS Centroid Source census mdds centroid
🦌

वन्यजीव संरक्षण, ओरण एवं पवित्र स्थल

पवित्र कांकड़ वृक्ष, दीन मठ, अखण्ड पावन धूणा, ऐतिहासिक रेतीला टीला एवं हरिण संरक्षण स्थल।

प्राथमिक साक्ष्य एवं ऐतिहासिक संदर्भ

प्रत्येक दावे की सत्यता स्वतंत्र प्राथमिक स्रोतों से प्रमाणित है।

2 Citations
Government Gazetteer / Revenue Record स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

Rajasthan District Gazetteers: Bikaner

Author: Government of Rajasthan • Publisher: Government Central Press, Jaipur • Year: 1972 • Ref/Page: 420
"Documents Samrathal sand dune in Nokha tehsil as the foundation seat of the Bishnoi sect in 1485 AD."
Academic Research / Ethnographic Study स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित

Ecological Traditions of Rajasthan

Author: C.P.R. Environmental Education Centre • Publisher: Ministry of Environment and Forests, GoI • Year: 2014 • Ref/Page: 112-115
"Analysis of the 29 principles formulated at Samrathal Dhora combining faith with biological conservation."

वैकल्पिक नाम, राजस्व ग्राम व ढाणियां

Samrathal (समराथल) historical
Dhora Ji (धोरा जी) phonetic
🛕

समीपस्थ पावन अष्टधाम / तीर्थ

~0 km
दीन मठ एवं पावन कांकड़ वृक्ष (समराथल धोरा)

विश्नोई धर्म का पावन उद्गम स्थल जहाँ गुरुदेव ने 1485 ई. में पाहल बनाकर 29 नियमों का उपदेश दिया।

★ अष्टधाम तीर्थ धाम दर्शन एवं इतिहास →

GPS Centroid Location 27.5451, 73.3210

Tied to Census 2011 MDDS village centroid coordinates.

Verification History

Current Tier: स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
Status: Verified & Published
Last Verified: 28 Oct 2026
Audit Log:
स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित Cross-verified foundation geography in Nokha tehsil. Level A verified. 26 Oct 2026 00:46
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