बिश्नोई समाज की प्रमुख विभूतियाँ एवं योगदान
न्यायपालिका, पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण, प्रशासनिक सेवा, सार्वजनिक नेतृत्व, खेल एवं साहित्य के क्षेत्र में प्रामाणिक साक्ष्यों पर आधारित ऐतिहासिक एवं समकालीन जीवन वृत्त।
National Wildlife Protection Awardee (Posthumous)
📍 Chirai Nagar , Jodhpur
हिरणों की रक्षा में शहादत; भारत सरकार द्वारा सामुदायिक वन्यजीव रक्षकों के राष्ट्रीय सम्मान की ऐतिहासिक शुरुआत का आधार बने।
Leader of the 1730 Khejarli Ecological Resistance & Supreme Environmental Martyr
📍 Khejarli , Jodhpur
विश्व के प्रथम अहिंसक वृक्ष-रक्षा आंदोलन की अमर प्रणेता; चिपको आंदोलन और राष्ट्रीय अमृता देवी बिश्नोई वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार की मूल प्रेरणास्रोत।
राधेश्याम पेमाणी बिश्नोई
Radheshyam Pemani Bishnoi
Young Naturalist Awardee & Grassroots Conservationist
📍 Dholiya (Draft) , Jodhpur
सैकड़ों घायल चिंकारा व पक्षियों का उपचार; गोडावण संरक्षण हेतु राष्ट्रीय स्तर पर आवाज़ उठाना; थार के युवाओं को वन्यजीव रक्षा में संगठित करना।
Environmentalist / "Tree Man of Thar"
📍 Ekalkhori , Jodhpur
थार के धोरों पर 27,000 से अधिक देशी पेड़ों का रोपण और निःस्वार्थ संरक्षण।
शहीद निहाल चंद बिश्नोई
Shaheed Nihal Chand Bishnoi
Shaurya Chakra Awardee (Posthumous) & Anti-Poaching Martyr
📍 Bikaner , Rajasthan
वन्यजीव रक्षा हेतु शौर्य चक्र (सैन्य वीरता पुरस्कार) से सम्मानित स्वतंत्र भारत के प्रथम नागरिक; कृष्णमृग रक्षा में सर्वोच्च बलिदान।
Founder, Paryavaran Evam Vanyajeev Sanrakshan Sanstha
📍 Ekalkhori , Jodhpur
पवित्र ओरणों और तीर्थ क्षेत्रों से प्लास्टिक कचरा हटाने का राष्ट्रव्यापी अभियान; घायल वन्यजीवों के उपचार हेतु समर्पित हेल्पलाइन।
Founder, Akhil Bharatiya Jeev Raksha Bishnoi Sabha
📍 Jodhpur , Rajasthan
1974 में अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा की स्थापना; शिकारियों के विरुद्ध वैधानिक संघर्ष और वन्यजीव चिकित्सा सहायता का संगठित ढांचा तैयार किया।