Skip to main content
विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
प्रमाण-आधारित संस्थागत न्यूज़रूम

बिश्नोई समाज समाचार एवं आधिकारिक बुलेटिन

Bishnoi Community Newsroom & Dispatches

वन्यजीव संरक्षण, सर्वोच्च न्यायालय के पर्यावरण आदेश, ऐतिहासिक शोध एवं समाज के प्रामाणिक समाचार

पर्यावरण मुकदमों, शिकार विरोधी अभियानों, पावन ओरणों, शैक्षणिक उपलब्धियों और बिश्नोई महासम्मेलनों पर तथ्य-सत्यापित सामुदायिक बुलेटिन।

नागरिक रिपोर्टिंग डेस्क (Citizen Reporting Desk)
🛡️ गोपनीय एवं सत्यापित
सक्रिय फ़िल्टर: पर्यावरण कानून व विधिक निर्णय ×
सभी फ़िल्टर साफ़ करें

ताज़ा समाचार बुलेटिन

बिश्नोई अंचलों से प्रमाणित, तथ्य-जाँच आधारित रिपोर्टिंग

दिखा रहे हैं 1–2 (कुल 2)
📰
⚖️ पर्यावरण कानून व विधिक निर्णय
⏱️ 1 मिनट
Oct 24, 2026 • 📍 समराथल धोरा

सर्वोच्च न्यायालय का ऐतिहासिक आदेश: राजस्थान के सभी पावन ओरणों को "डीम्ड वन" का अनिवार्य दर्जा व सीमांकन निर्देश

Supreme Court of India Directs Mandatory Deemed Forest Status and Demarcation for Rajasthan Orans

सर्वोच्च न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने ऐतिहासिक निर्णय देते हुए राजस्थान के समस्त पारंपरिक ओरणों को क्षेत्रफल या घनत्व की बाधा के बिना "डीम्ड वन" (Deemed Forest) के रूप में दर्ज करने और उन्हें औद्योगिक व सौर परियोजनाओं के डायवर्जन से बचाने के निर्देश दिए।

समाचार पढ़ें 🛡️ 2 प्रमाणित स्रोत
📰
⚖️ पर्यावरण कानून व विधिक निर्णय
⏱️ 1 मिनट
Oct 10, 2026 • 📍 गुड़ा विश्नोइयां

राजस्थान उच्च न्यायालय ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अवैध शिकार मामलों में कड़ी कार्रवाई की पुष्टि की

High Court of Rajasthan Reaffirms Strict Non-Bailable Prosecution in Wildlife Protection Act Infractions

राजस्थान उच्च न्यायालय की जोधपुर मुख्य पीठ ने अनुसूची-1 के वन्यजीवों (चिंकारा व काले हिरण) के शिकार में संलिप्त अभियुक्तों की अपील खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि थार के वन्यजीवों की सुरक्षा में कोई विधिक रियायत नहीं दी जा सकती।

समाचार पढ़ें 🛡️ 1 प्रमाणित स्रोत
नागरिक पत्रकारिता एवं सामुदायिक संवाद

स्थानीय घटना, अदालती आदेश अथवा ऐतिहासिक तथ्य की रिपोर्ट करें

क्या आपके पास प्रमाणित दस्तावेज, पर्यावरण संरक्षण का साक्ष्य अथवा कोई आगामी मेला सूचना है? हमारे संपादकीय कक्ष को सीधे भेजें।

🚨
तत्काल वन्यजीव आपातकाल? समाचार सुझाव फ़ॉर्म न भरें।

घायल हिरण, चिंकारा, मोर, शिकार के संकट अथवा वृक्ष कटाई की स्थिति में तुरंत हमारी आपातकालीन रेस्क्यू टीम से संपर्क करें।

वन्यजीव SOS हेल्पलाइन →
📡 ऑफलाइन मोड सक्रिय (Offline Mode Active) आपातकालीन नंबर →