१. जाम्भाणी संस्कारों के अनुरूप आचरण
शिक्षार्थियों से अपेक्षा की जाती है कि वे श्री गुरु जाम्भोजी के २९ नियमों में निहित सत्य, क्षमा, दया एवं नम्रता के मूल्यों का आचरण मंच पर बनाए रखें। किसी भी सहपाठी या शिक्षक के प्रति अभद्र भाषा या अपमानजनक टिप्पणी करने पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी।