रामासड़ी प्रथम वृक्ष रक्षा बलिदान दिवस (कर्मा व गौरां बिश्नोई)
18 May 2025
卐 ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष पंचमी, विक्रम संवत 2082
कार्यक्रम परिचय व उद्देश्य Environmental
卐 धार्मिक महत्त्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
धार्मिक व आध्यात्मिक महत्त्व
ज्योतिषीय एवं पंचांग संरेखण
यह आयोजन पारंपरिक हिन्दू पंचांग एवं उदया तिथि गणना के अनुसार निर्धारित होता है।
तीर्थ भूगोल एवं संस्थागत व्यवस्था
प्रमाणित संबंधविश्नोई टाइगर फोर्स
Bishnoi Tiger Force
Jodhpur, Rajasthan
वार्षिक आयोजन तिथियां (2025–2026)
आधिकारिक तिथियां, पंचांग संरेखण एवं कैलेंडर निर्यात।
प्रमाणित ऐतिहासिक साक्ष्य एवं ग्रंथ संदर्भ
Earliest recorded tree-hugging sacrifice in history (VS 1661 / 1604 CE, Jyeshtha Krishna Panchami) where Karma and Gaura Bishnoi sacrificed their lives protecting Khejri trees, immortalized by contemporary poet Sant Vilhoji Maharaj in his canonical Sakhi "Karmani Chalno In Sansar".
स्तर B (Level B) — शोध समर्थित
- Historical Research Board, Rajasthan State Archives. The Environmental Sacrifices of Khejarli: 1730 AD, Bikaner State Records, 1976.
- Dr. Hiralal Maheshwari. Sahitya Akademi — Makers of Indian Literature: Jambhoji by Dr. Hiralal Maheshwari, Sahitya Akademi, New Delhi, 1980.
आयोजन विवरण व कैलेंडर
2025प्रारंभ: Sunday, 18 May 2025
समापन: Sunday, 18 May 2025
स्थल: Ramasari Complex
Ramasari, Jodhpur, Rajasthan
पारंपरिक आवर्तन नियम
संवत 1661 (1604 ई.) ज्येष्ठ कृष्ण पंचमी को हरे खेजड़ी वृक्षों की रक्षार्थ कर्मा व गौरां बिश्नोई द्वारा दिया गया प्रथम बलिदान दिवस।
यह आयोजन विवरण मंदिर प्रन्यास, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं राजकीय गजट द्वारा प्रमाणित है। इसमें किसी भी प्रकार की काल्पनिक या गैर-प्रमाणित जानकारी शामिल नहीं है।