जांभा माढा मेला (भाद्रपद पूर्णिमा)
07 September 2025
卐 भाद्रपद शुक्ल पक्ष पूर्णिमा, विक्रम संवत 2082
कार्यक्रम परिचय व उद्देश्य Religious
卐 धार्मिक महत्त्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
धार्मिक व आध्यात्मिक महत्त्व
ज्योतिषीय एवं पंचांग संरेखण
यह आयोजन पारंपरिक हिन्दू पंचांग एवं उदया तिथि गणना के अनुसार निर्धारित होता है।
तीर्थ भूगोल एवं संस्थागत व्यवस्था
प्रमाणित संबंधपावन जाम्भोलाव सरोवर
Jambholav Sacred Sarovar
Phalodi, Rajasthan
अखिल भारतीय विश्नोई महासभा
All India Bishnoi Mahasabha
Mukam, Rajasthan
वार्षिक आयोजन तिथियां (2025–2026)
आधिकारिक तिथियां, पंचांग संरेखण एवं कैलेंडर निर्यात।
प्रमाणित ऐतिहासिक साक्ष्य एवं ग्रंथ संदर्भ
The sacred Madha Mela at Jambholav Dham was initiated in Vikram Samvat 1648 (1591 CE) on Bhadrapada Shukla Purnima by Sant Vilhoji Maharaj with the logistical support of Madhoji Godara of Pali village.
स्तर B (Level B) — शोध समर्थित
- Dr. Hira Lal Maheshwari. Jambhoji: Biography, Philosophy & Literature, Sahitya Akademi, New Delhi, 1982.
- Dr. Hiralal Maheshwari. Sahitya Akademi — Makers of Indian Literature: Jambhoji by Dr. Hiralal Maheshwari, Sahitya Akademi, New Delhi, 1980.
आयोजन विवरण व कैलेंडर
2025प्रारंभ: Sunday, 07 September 2025
समापन: Sunday, 07 September 2025
पारंपरिक आवर्तन नियम
भाद्रपद पूर्णिमा को जांभा धाम में आयोजित होने वाला पावन माढा मेला, जिसकी शुरुआत संवत 1648 (1591 ई.) में संत विल्होजी महाराज ने पाली के माधोजी गोदारा के सहयोग से की थी।
यह आयोजन विवरण मंदिर प्रन्यास, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं राजकीय गजट द्वारा प्रमाणित है। इसमें किसी भी प्रकार की काल्पनिक या गैर-प्रमाणित जानकारी शामिल नहीं है।