श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान प्राकट्य/जन्मोत्सव (अवतार दिवस)
16 Aug – 17 Aug 2025
卐 भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी, विक्रम संवत 2082
कार्यक्रम परिचय व उद्देश्य Religious
卐 धार्मिक महत्त्व एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
धार्मिक व आध्यात्मिक महत्त्व
परंपरा एवं इतिहास
पारंपरिक अनुष्ठान एवं मर्यादा
ज्योतिषीय एवं पंचांग संरेखण
यह आयोजन पारंपरिक हिन्दू पंचांग एवं उदया तिथि गणना के अनुसार निर्धारित होता है।
तीर्थ भूगोल एवं संस्थागत व्यवस्था
प्रमाणित संबंधश्री गुरु जम्भेश्वर भगवान प्राकट्य स्थल मंदिर
Guru Jambheshwar Bhagwan Avtaran Mandir
Nagaur, Rajasthan
पीपासर जन्मस्थल न्यास
Peepasar Janmasthal Trust
Peepasar, Rajasthan
अखिल भारतीय विश्नोई महासभा
पीपासर
MDDS: 082531 • Jayal, Nagaur
वार्षिक आयोजन तिथियां (2025–2026)
आधिकारिक तिथियां, पंचांग संरेखण एवं कैलेंडर निर्यात।
प्रमाणित ऐतिहासिक साक्ष्य एवं ग्रंथ संदर्भ
Guru Jambheshwar Ji was born on Bhadrapada Krishna Ashtami, Samvat 1508 at Peepasar.
स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
- Dr. Hiralal Maheshwari. Sahitya Akademi — Makers of Indian Literature: Jambhoji by Dr. Hiralal Maheshwari, Sahitya Akademi, New Delhi, 1980.
- Dr. Krishna Lal Bishnoi (ed.). Bishnoi Santon Ke Harjas (बिश्नोई संतों के हरजस - परमानंद जी का पोथा), Guru Jambheshwar Shodh Sansthan, Bikaner, 1993, p. Introduction, pp. 9–18.
आयोजन विवरण व कैलेंडर
2025प्रारंभ: Saturday, 16 August 2025
समापन: Sunday, 17 August 2025
पारंपरिक आवर्तन नियम
भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि को पीपासर धाम में भगवान जाम्भोजी का अवतार महोत्सव।
यह आयोजन विवरण मंदिर प्रन्यास, ऐतिहासिक दस्तावेजों एवं राजकीय गजट द्वारा प्रमाणित है। इसमें किसी भी प्रकार की काल्पनिक या गैर-प्रमाणित जानकारी शामिल नहीं है।