अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
गांव निर्देशिका (Village Directory)
चयनित भौगोलिक क्षेत्र के सभी गांव। ✅ बिश्नोई प्रमाणित गांव हरे रंग में चिह्नित हैं।
प्रदर्शित: 1–3 (कुल 3 गांव)
मोरजंड खारी
Morjand Khari
Sadulshahar, Ganganagar, Rajasthan
मोरजंड खारी (43 एमएमके) उत्तरी राजस्थान में विश्नोई समाज का प्रतिष्ठित कृषि प्रधान गांव है। यहाँ किन्नू के उन्नत बागानों, उच्च शैक्षणिक स्तर, गुरु जम्भेश्वर मंदिर एवं बागानों में विचरण करने वाले काले हिरणों की सुरक्षा की उत्कृष्ट परंपरा है।
पातली
Patli
Sadulshahar, Ganganagar, Rajasthan
पातली (25 केएसडी-बी) सादुलशहर तहसील का प्रमुख विश्नोई गांव है जहाँ श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर, आदर्श गोशाला एवं पर्यावरण संरक्षण का कार्य सक्रियता से संचालित है।
बुढारवाली
Budharwali
Sadulshahar, Ganganagar, Rajasthan (GP: Budharwali)
बुढारवाली, जिसे राजस्व अभिलेखों में 34 केएसडी के रूप में दर्ज किया गया है, श्री गंगानगर जिले की सादुलशहर तहसील में स्थित एक नहरी कृषि ग्राम है। नहरी सिंचित क्षेत्र में बसा यह गांव पारंपरिक गोपालन और सामुदायिक कृषि परंपराओं के लिए जाना जाता है।