अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
प्रमाणित विश्नोई गांव व बस्तियां
प्रत्येक प्रविष्टि आधिकारिक जनगणना कोड व प्राथमिक दस्तावेजों से समर्थित है।
प्रदर्शित: 1–4 (कुल 4 गांव)
नीमगांव
Neemgaon
Handiya, Harda, Madhya Pradesh
नीमगांव मध्य भारत (मध्य प्रदेश) में विश्नोई समाज का प्रधान धार्मिक व सांस्कृतिक तीर्थ है। यहाँ 7 फरवरी 1914 को स्थापित ऐतिहासिक श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर स्थित है, जो पिछले 110 वर्षों से अधिक समय से नर्मदा घाटी के विश्नोई कृषकों का प्रमुख श्रद्धा केंद्र है। यहाँ भव्य गोशाला एवं नियमित हवन का आयोजन होता है।
नेमावर
Nemawar
Khategaon, Dewas, Madhya Pradesh
नेमावर पावन नर्मदा नदी का नाभि स्थल (मध्य बिंदु) है। यह विश्नोई तीर्थयात्रियों व साधु-संतों के लिए पवित्र स्नान, हवन एवं गोसेवा का प्रमुख तीर्थ है जो नर्मदा परिक्रमा मार्ग पर स्थित है।
गंधवा
Ghandhawa
Handiya, Harda, Madhya Pradesh
गंधवा हरदा जिले में नीमगांव के समीप स्थित विश्नोई गांव है जहाँ के कृषक नर्मदा घाटी में गोसेवा एवं कृषि में प्रमुख भूमिका निभाते हैं।
नंदगांव निमाड़
Nandgaon Nimar
Khategaon, Dewas, Madhya Pradesh
नंदगांव खातेगांव क्षेत्र का ग्रामीण विश्नोई वास है जहाँ नर्मदा कछार में खेती की जाती है।