अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
प्रमाणित विश्नोई गांव व बस्तियां
प्रत्येक प्रविष्टि आधिकारिक जनगणना कोड व प्राथमिक दस्तावेजों से समर्थित है।
प्रदर्शित: 1–4 (कुल 4 गांव)
मोहनी
Mohni
Choryasi, Surat, Gujarat
मोहनी (सूरत) पश्चिमी भारत में विश्नोई प्रवासी समुदाय का प्रमुख सामाजिक व आध्यात्मिक केंद्र है। यहाँ श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर एवं विशाल धर्मशाला स्थित है जो छात्रों, प्रवासियों एवं तीर्थयात्रियों को आश्रय व सेवा प्रदान करती है।
राधनपुर ग्रामीण
Radhanpur Rural
Radhanpur, Patan, Gujarat
राधनपुर ग्रामीण उत्तर गुजरात और राजस्थान (सांचौर-मारवाड़) को जोड़ने वाला ऐतिहासिक व्यापारिक व परिवहन मार्ग है जहाँ विश्नोई व्यापारियों व प्रवासियों की उपस्थिति सदियों से दर्ज है।
कवास
Kawas
Choryasi, Surat, Gujarat
कवास सूरत के हजीरा क्षेत्र के निकट स्थित प्रमुख व्यापारिक व परिवहन केंद्र है जहाँ राजस्थान से आए विश्नोई उद्यमियों की व्यापक व्यावसायिक उपस्थिति है।
वाराही
Varahi
Radhanpur, Patan, Gujarat
वाराही उत्तर गुजरात का रेगिस्तानी सीमांत कस्बा है जो कच्छ, राधनपुर व सांचौर को जोड़ता है। यहाँ विश्नोई व्यापारियों व परिवहन संचालकों की उपस्थिति दर्ज है।