अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
गांव निर्देशिका (Village Directory)
चयनित भौगोलिक क्षेत्र के सभी गांव। ✅ बिश्नोई प्रमाणित गांव हरे रंग में चिह्नित हैं।
प्रदर्शित: 1–21 (कुल 21 गांव)
चीराई नगर
Chirai Nagar
Baori, Jodhpur, Rajasthan
चीराई नगर आधुनिक भारत के वन्यजीव संरक्षण इतिहास का एक अमर तीर्थ है। 12 अगस्त 2000 को इस ग्राम के वीर सपूत गंगा राम विश्नोई ने मूक चिंकारा हिरण का शिकार कर रहे सशस्त्र शिकारियों का निहत्थे पीछा कर उन्हें पकड़ लिया, जिस पर शिकारियों ने गोली मारकर उनकी हत्या कर दी। वन्यजीव रक्षा में दिए गए इस सर्वोच्च बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत प्रतिष्ठित अमृता देवी वन्यजीव संरक्षण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ग्राम में उनका पावन स्मारक व शहीद उपवन स्थापित है।
डांगियावास
Dangiyawas
Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan
डांगियावास जोधपुर-जयपुर राजमार्ग पर स्थित एक प्रमुख एवं प्रतिष्ठित विश्नोई ग्राम है। यह ग्राम सामाजिक संगठन, समृद्ध कृषि एवं वन्यजीव सुरक्षा के लिए विख्यात है। यहाँ का युवा वर्ग क्षेत्र में वन्यजीवों की सुरक्षा हेतु चौबीसों घंटे तत्पर रहता है। ग्राम में भव्य जम्भेश्वर मंदिर स्थापित है।
डोली
Doli
Jhanwar, Jodhpur, Rajasthan
डोली झंवर तहसील का एक विख्यात विश्नोई बाहुल्य ग्राम है। यह ग्राम अपने पवित्र ओरण, श्री जम्भेश्वर मंदिर और मूक वन्यजीवों के प्रति अटूट प्रेम के लिए जाना जाता है। यहाँ खेतों में चिंकारा व मोर स्वच्छंद रूप से विचरते हैं।
एकलखोरी
Ekalkhori
Baori, Jodhpur, Rajasthan
एकलखोरी मरुस्थलीय पर्यावरण संवर्धन का एक अद्भुत वैश्विक उदाहरण है। यह ग्राम प्रसिद्ध पर्यावरणविद् राणा राम विश्नोई (थार के ट्री-मैन) का निवास स्थान है, जिन्होंने पिछले पांच दशकों में अकेले अपने दम पर धोरों पर 50,000 से अधिक देशी वृक्ष (खेजड़ी, रोहिड़ा, नीम, बेर) लगाकर उन्हें सींचा और विशाल वनक्षेत्र में बदल दिया। एकलखोरी का यह सघन हरित आवरण मरुस्थलीकरण को रोकने के साथ-साथ चिंकारा, नीलगाय एवं मोरों का सुरक्षित प्राकृतिक आवास बन चुका है।
गुड़ा विश्नोइयां
Guda Bishnoiyan
Luni, Jodhpur, Rajasthan
गुड़ा विश्नोइयां मारवाड़ का प्रसिद्ध विश्नोई बहुल गांव है जहाँ का पवित्र गुड़ा तालाब कुरजां (प्रवासी पक्षियों), काले हिरणों एवं चिंकारों का प्रमुख आश्रय स्थल है।
खेजड़ली कलां
Khejarli Kalan
Luni, Jodhpur, Rajasthan
खेजड़ली कलां विश्व के महानतम पर्यावरण बलिदान की पावन भूमि है। वि.सं. 1787 (1730 ई.) भाद्रपद शुक्ला दशमी को अमृता देवी विश्नोई, उनकी तीन पुत्रियों व 363 विश्नोई नर-नारियों ने हरे खेजड़ी वृक्षों की रक्षा हेतु अपने शीश कटवा दिए। उनका उद्घोष "सिर सांटे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण" विश्व पर्यावरण चेतना का मूल मंत्र बन गया।
मोगड़ा कलां
Mogra Kalan
Luni, Jodhpur, Rajasthan
मोगड़ा कलां जोधपुर की लूणी तहसील का एक प्रमुख एवं ऐतिहासिक विश्नोई ग्राम है। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित यह ग्राम धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत जागृत है। यहाँ भव्य श्री जम्भेश्वर मंदिर व साथरी स्थित है। मोगड़ा कलां के खेतों और गोचर में सैकड़ों हिरण निर्भय होकर विचरते हैं जिनकी सुरक्षा हेतु ग्रामवासी सदैव तत्पर रहते हैं।
रंसी गांव
Ransi Gaon
Bilara, Jodhpur, Rajasthan
रंसी गांव विश्नोई संत साहित्य के शिरोमणि कवि संत विल्होजी का पावन जन्म स्थान है। यहाँ सदियों से धार्मिक साधना एवं पर्यावरण संरक्षण की समृद्ध परंपरा रही है।
सालावास
Salawas
Luni, Jodhpur, Rajasthan
सालावास लूणी तहसील का एक विश्वप्रसिद्ध हस्तशिल्प व कृषि बाहुल्य ग्राम है। गुड़ा विश्नोइयां एवं खेजड़ली के निकट स्थित होने के कारण यहाँ का विश्नोई समाज वन्यजीव संरक्षण व प्रकृति रक्षा में सदैव अग्रणी रहता है। यहाँ के खेतों व गोचर में कृष्णमृगों के झुंड निर्भय विचरण करते हैं।
जाजीवाल भाटियान
Jajiwal Bhatiyan
Mandore, Jodhpur, Rajasthan
जाजीवाल भाटियान जोधपुर के निकट जाजीवाल विश्नोई बेल्ट का प्रमुख गांव है जो उन्नत कृषि व वन्यजीव रक्षा के लिए प्रसिद्ध है।
कांकाणी
Kakani
Luni, Jodhpur, Rajasthan (GP: Kakani)
कांकाणी जोधपुर के दक्षिण में लूणी नदी बेसिन में स्थित एक ग्रामीण राजस्व ग्राम है। यह गांव भारतीय वन्यजीव संरक्षण अभिलेखों में अक्टूबर 1998 की कृष्णमृग शिकार घटना के संदर्भ में दर्ज है, जिसमें स्थानीय विश्नोई ग्रामीणों ने संदिग्धों का पीछा किया, वन विभाग को साक्ष्य सौंपे और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत विधिक प्रक्रियाओं में गवाह के रूप में भाग लिया।
खेजड़ली खुर्द
Khejarli Khurd
Luni, Jodhpur, Rajasthan
खेजड़ली खुर्द खेजड़ली कलां का निकटवर्ती विश्नोई गांव है जो ऐतिहासिक रूप से 1730 के पावन आंदोलन से जुड़ा रहा है।
रोहिचां कलां
Rohichan Kalan
Luni, Jodhpur, Rajasthan
रोहिचां कलां लूणी नदी घाटी में खेजड़ली के निकट स्थित एक ऐतिहासिक विश्नोई ग्राम है। यहाँ के ग्रामीण पर्यावरण संरक्षण, खेजड़ी संवर्धन और चिंकारा हिरणों की रक्षा हेतु पीढ़ी-दर-पीढ़ी समर्पित रहे हैं।
शिकारपुरा
Shikarpura
Luni, Jodhpur, Rajasthan
शिकारपुरा लूणी तहसील का एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक व धार्मिक ग्राम है जहाँ विश्नोई समाज की गहरी जड़ें हैं। ग्रामवासी खेजड़ली बलिदान की प्रेरणा से वृक्षों व मूक वन्यजीवों की रक्षा का संकल्प निभाते हैं।
बालेसर दुर्गावता
Balesar Durgawata
Balesar, Jodhpur, Rajasthan (GP: Balesar Durgawatan)
बालेसर दुर्गावता जोधपुर और पोकरण के मध्य राष्ट्रीय राजमार्ग 125 पर स्थित एक ग्रामीण व्यापारिक केंद्र और उप-तहसील कस्बा है। यहां विश्नोई कृषक व व्यापारिक परिवार अन्य स्थानीय समुदायों के साथ निवास करते हैं और सामुदायिक गतिविधियों में सहयोग करते हैं।
चामू
Chamu
Chamu, Jodhpur, Rajasthan (GP: Chamu)
चामू उत्तर-पश्चिमी जोधपुर जिले में स्थित एक ग्रामीण राजस्व ग्राम और उप-तहसील मुख्यालय है। शुष्क बारानी कृषि क्षेत्र में स्थित इस गांव में विश्नोई कृषक परिवार निवास करते हैं, जो सामाजिक गतिविधियों और पारंपरिक खेती से जुड़े हैं।
देसूरियां विश्नोइयान
Desooriya Vishnoiyan
Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan (GP: Karwar)
देसूरियां विश्नोइयान राजस्थान के जोधपुर जिले की जोधपुर तहसील में स्थित एक ग्रामीण कृषि प्रधान गांव है। यहां विश्नोई कृषक परिवार निवास करते हैं, जो स्थानीय कृषि भूमि और चरागाहों में वन्यजीव संरक्षण एवं निगरानी में सक्रिय सहयोग करते हैं।
ढूंढाड़ा
Dhundhara
Luni, Jodhpur, Rajasthan (GP: Dhundhara)
ढूंढाड़ा दक्षिण-पश्चिमी जोधपुर जिले में लूणी नदी के तट पर स्थित एक ग्रामीण राजस्व ग्राम है। विश्नोई समुदाय के ऐतिहासिक विवरणों में इसे गुरु जंभेश्वर जी के मारवाड़ भ्रमण के दौरान उपदेश स्थल के रूप में स्मरण किया जाता है। यहां पारंपरिक विश्नोई कृषक परिवार निवास करते हैं।
जाजीवाल विश्नोइयान
Jajiwal Vishnoiyan
Jodhpur, Jodhpur, Rajasthan (GP: Jajiwal Vishnoiyan)
जाजीवाल विश्नोइयान राजस्थान के जोधपुर जिले की जोधपुर (मंडोर) तहसील में स्थित एक राजस्व ग्राम व ग्राम पंचायत मुख्यालय है। इस गांव में विश्नोई कृषक समुदाय निवास करता है और यहां स्थानीय श्री जंभेश्वर भगवान मंदिर, गौशाला तथा सामुदायिक गोचर भूमि स्थित है।
फिटकासनी
Phitkasni
Kudi Bhagtasni, Jodhpur, Rajasthan (GP: Phitkasni)
फिटकासनी जोधपुर के दक्षिण में कुड़ी भगतासनी उप-तहसील क्षेत्र में स्थित एक कृषि प्रधान राजस्व ग्राम है। अन्य ग्रामीण समुदायों के साथ विश्नोई कृषक परिवारों की उपस्थिति वाला यह गांव पारंपरिक कृषि, खेतों में खेजड़ी वृक्ष संरक्षण और स्थानीय वन्यजीवों की उपस्थिति के लिए जाना जाता है।
सुरपुरा
Surpura
Osian, Jodhpur, Rajasthan
सुरपुरा ओसियां तहसील का ग्रामीण विश्नोई क्षेत्र है जहाँ पारंपरिक कृषि एवं वन्यजीव सह-अस्तित्व की मान्यता है।