अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
गांव निर्देशिका (Village Directory)
चयनित भौगोलिक क्षेत्र के सभी गांव। ✅ बिश्नोई प्रमाणित गांव हरे रंग में चिह्नित हैं।
प्रदर्शित: 1–5 (कुल 5 गांव)
बागोड़ा
Bagoda
Bagora, Jalore, Rajasthan
बागोड़ा (बागोरा) जालौर जिले का एक प्रमुख तहसील मुख्यालय है। ऐतिहासिक दृष्टि से यह कस्बा एक महत्वपूर्ण व्यापारिक व प्रशासनिक केंद्र रहा है, जहाँ विश्नोई समाज के कृषक व व्यावसायिक परिवार निवास करते हैं। यहाँ समाज द्वारा संचालित विश्नोई धर्मशाला स्थापित है जो यात्रियों, छात्रों व श्रद्धालुओं को आवास सुविधा प्रदान करती है।
भीनमाल
Bhinmal
Bhinmal, Jalore, Rajasthan
भीनमाल (प्राचीन श्रीमाल) ऐतिहासिक नगर है जिसके ग्रामीण अंचलों में विश्नोई समाज की घनी आबादी व कृषि संपत्तियां हैं।
रानीवाड़ा
Raniwara
Raniwara, Jalore, Rajasthan
रानीवाड़ा राजस्थान का प्रमुख दुग्ध व कृषि उत्पादक केंद्र है जहाँ विश्नोई समाज के पशुपालक व कृषक डेयरी सहकारिता में अग्रणी हैं।
जसवंतपुरा
Jaswantpura
Jaswantpura, Jalore, Rajasthan
जसवंतपुरा जालौर जिले में सुंधा पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित एक उप-खंडीय प्रशासनिक केंद्र है। 5,111 की आबादी (जनगणना 2011) वाले इस कस्बे में विश्नोई समाज के परिवार कृषि, स्थानीय व्यापार एवं राजकीय सेवाओं में कार्यरत हैं। समाज द्वारा यहाँ धर्मशाला व जनकल्याणकारी सेवाएं संचालित की जाती हैं।
करड़ा
Karda
Raniwara, Jalore, Rajasthan
करड़ा जालौर जिले की रानीवाड़ा तहसील का एक सुस्थापित व्यापारिक व आवागमन केंद्र है। रानीवाड़ा एवं सांचौर के मध्य स्थित इस कस्बे में विश्नोई समाज कृषि विपणन, दुग्ध व्यवसाय एवं परिवहन क्षेत्र में सक्रिय है। समाज द्वारा युवाओं हेतु शैक्षणिक एवं छात्रावास सुविधाएं संचालित की जाती हैं।