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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
जनगणना व शोध आधारित प्रामाणिक भूगोल

अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस

भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य

राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।

कुल सत्यापित गांव

179

पावन तीर्थ धाम

71

संरक्षित अभयारण्य

115

साक्ष्य स्तर

Level A / B / C

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गांव निर्देशिका (Village Directory)

चयनित भौगोलिक क्षेत्र के सभी गांव। ✅ बिश्नोई प्रमाणित गांव हरे रंग में चिह्नित हैं।

प्रदर्शित: 1–2 (कुल 2 गांव)

MDDS 069268 स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
🛕 तीर्थ 🦌 वन्यजीव

जसरासर

Jasrasar

Jasrasar, Bikaner, Rajasthan

जनसांख्यिकी Significant Bishnoi Community
बस्ती स्वरूप Historic Bishnoi Settlement

जसरासर बीकानेर जिले का एक प्रमुख कस्बा व तहसील मुख्यालय है जहाँ विश्नोई समाज की महत्वपूर्ण जनसंख्या निवास करती है। यहाँ भव्य जम्भेश्वर मंदिर, विशाल गौशाला तथा पक्षी-वन्यजीव सेवा केंद्र संचालित हैं। जसरासर के विश्नोई समाज बंधु क्षेत्र में वन्यजीवों की रक्षा में अग्रणी भूमिका निभाते हैं।

2 साक्ष्य स्रोत पूर्ण विवरण व साक्ष्य
MDDS 069589 स्तर A (Level A) — पूर्णतः प्रमाणित
🛕 तीर्थ 🦌 वन्यजीव

कुचोर अगूणी

Kuchor Aguni

Jasrasar, Bikaner, Rajasthan (GP: Kuchor Aguni)

जनसांख्यिकी Significant Bishnoi Community
बस्ती स्वरूप Historic Bishnoi Settlement

कुचोर अगूणी बीकानेर जिले की जसरासर तहसील में स्थित एक ऐतिहासिक ग्राम है। यह गांव खेराज भोमिया जी मंदिर का स्थल है, जो विक्रम संवत 1481 (1424 ईस्वी) में गोवंश की रक्षा करते हुए वीरगति पाने वाले खेराज भोमिया जी की स्मृति में स्थापित है। यह मंदिर एक क्षेत्रीय तीर्थ स्थल है जहां मन्नत पूरी होने पर परिक्रमा और आहुति देने की परंपरा है। मंदिर परिसर के चारों ओर एक पवित्र ओरण (देववन) स्थित है जहां वृक्ष कटाई वर्जित है और वन्यजीवों को संरक्षण प्राप्त है।

3 साक्ष्य स्रोत पूर्ण विवरण व साक्ष्य
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