अखिल भारतीय विश्नोई गांव एटलस
भारत के सत्यापित विश्नोई गांव — इतिहास, पावन तीर्थ, वन्यजीव अभयारण्य एवं प्राथमिक साक्ष्य
राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, मध्य प्रदेश एवं गुजरात के विश्नोई गांवों का आधिकारिक जनगणना कोड (Census MDDS), गजेटियर एवं मानवशास्त्रीय शोध पर आधारित प्रामाणिक डेटाबेस। प्रत्येक रिकॉर्ड बहु-स्तरीय प्राथमिक साक्ष्यों से सत्यापित है।
कुल सत्यापित गांव
179
पावन तीर्थ धाम
71
संरक्षित अभयारण्य
115
साक्ष्य स्तर
Level A / B / C
गांव निर्देशिका (Village Directory)
चयनित भौगोलिक क्षेत्र के सभी गांव। ✅ बिश्नोई प्रमाणित गांव हरे रंग में चिह्नित हैं।
प्रदर्शित: 1–5 (कुल 5 गांव)
बालसमंद
Balsamand
Balsamand, Hisar, Haryana
बालसमंद हरियाणा में विश्नोई समाज का सबसे बड़ा सामाजिक व राजनीतिक गढ़ है। यहाँ का भव्य गुरु जम्भेश्वर मंदिर, शिक्षण संस्थान, गोशाला एवं समाज सेवा की समृद्ध परंपरा इसे पूरे उत्तरी भारत में विशिष्ट पहचान दिलाती है।
मंडी आदमपुर ग्रामीण
Mandi Adampur Rural
Hisar, Hisar, Haryana
मंडी आदमपुर हरियाणा में विश्नोई समाज का सर्वप्रमुख सामाजिक व राजनीतिक केंद्र है। पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल जी की कर्मभूमि रहा यह क्षेत्र विशाल गोशालाओं, समाज सम्मेलनों एवं धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र है।
चौधरीवास
Chaudhariwas
Hisar, Hisar, Haryana
चौधरीवास हिसार-राजगढ़ मार्ग पर स्थित प्रमुख विश्नोई गांव है जहाँ उन्नत कृषि, जीव रक्षा दल एवं श्री गुरु जम्भेश्वर मंदिर स्थापित है।
काजलां
Kajlan
Hisar, Hisar, Haryana
काजलां हिसार तहसील का ऐतिहासिक विश्नोई बहुल गांव है जहाँ कृषि सहकारिता, देशी गोपालन एवं खेतों में विचरण करने वाले वन्यजीवों की रक्षा की समृद्ध परंपरा है।
चौधरीवाली
Chaudhariwali
Adampur, Hisar, Haryana (GP: Chaudriwali)
चौधरीवाली हरियाणा के हिसार जिले की बालसमंद उप-तहसील (आदमपुर ब्लॉक) में स्थित एक कृषि प्रधान गांव है। आदमपुर के कृषि क्षेत्र में स्थित इस गांव के कृषक परिवार दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा के मैदानी भागों में वन्यजीव संरक्षण में योगदान देते हैं।