हिरण रक्षार्थ शहीद शैतान सिंह (एस.एस.) गौशाला, भोजासर (फलोदी)
दर्ज चारा स्थिति
गौशाला प्रबंधन द्वारा नियमित रूप से अद्यतन चारा भंडार एवं दैनिक उपभोग।
परिचय व व्यवस्था
वन्यजीव शहीद शैतान सिंह बिश्नोई की पावन स्मृति में स्थापित संस्थान; जहाँ 1,120 देशी गोवंश के साथ-साथ घायल चिंकारा हिरणों के लिए विशेष उपचार बाड़ा संचालित है। संत बलदेवानंद जी शास्त्री (अध्यक्ष)।
"दया धर्म हिरदै धरै" — सभी मूक प्राणियों एवं गोवंश के प्रति करुणा व दैनिक सेवा भाव।
"बैल न बधिया करै" — नंदी व सांड का जीवनपर्यंत प्राकृतिक संरक्षण व सम्मानजनक आश्रय।
"जीव दया पालणी" — मरुस्थलीय संकट, अकाल व दुर्घटनाओं में निराश्रित गोवंश व हिरणों की सुरक्षा।
पशु चिकित्सा एवं वन्यजीव उपचार केंद्र
आवारा कुत्तों, कांटेदार तार अथवा सड़क दुर्घटनाओं में घायल काले हिरणों (कृष्णमृग), चिंकारा व नीलगाय के नवजात शावकों को विशेष वार्ड में प्राथमिक उपचार, हड्डी-जोड़ पट्टी व मातृत्व दुग्धपान कराया जाता है।
स्थानीय ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं आपातकालीन वाहनों द्वारा अशक्त व घायल गोवंश को गौशाला में त्वरित पहुँचाया जाता है।
साप्ताहिक निरीक्षण
गौशाला परिसर के बाहर मरुस्थलीय वन्यजीवों के लिए 24 घंटे स्वच्छ पानी की खेलियां एवं परिंडों की नियमित व्यवस्था है।
वैधानिक मान्यता एवं 4-लिंक साक्ष्य विवरण
क्या आपके पास इस गौशाला की ताज़ा फोटो है?
गोवंश, चारा वितरण अथवा जलखेलियों की वास्तविक फोटो अपलोड कर डिजिटल अभिलेखागार को समृद्ध करें।
सीधा बैंक / UPI चारा सहयोग
इस गौशाला का प्रत्यक्ष UPI पता दर्ज नहीं है (no UPI destination is listed on this profile)। नीचे दिए गए फ़ॉर्म द्वारा चारा या राशन सहयोग का संकल्प दर्ज करें।
गौ-सेवा सहयोग संकल्प
सहयोग का प्रकार चुनें; फ़ॉर्म प्रकार के अनुसार स्वतः संयोजित होगा।