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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
Academic Literature Textual Critic Historian
🛡️ स्तर A (Level A) — शासकीय / प्राथमिक
ड
🛡️ प्रमाणित अभिलेख प्रोफाइल

संपादकीय साक्ष्य नीति के अंतर्गत केवल सत्यापित लाइसेंसयुक्त चित्र प्रकाशित किए जाते हैं।

डॉ. हीरालाल माहेश्वरी

🏷️ गोत्र: Maheshwari 🏛️ Pioneering Literary Scholar & Sahitya Akademi Author 📅 1927 – 1998
📍 मूल स्थान / जन्मभूमि: Rajasthan
🌿

बिश्नोई समाज से संबंध एवं सांस्कृतिक विरासत

गोत्र, पैतृक परंपरा, सामुदायिक संस्थागत सहभागिता एवं 29 नियमों के प्रति निष्ठा

बिश्नोई साहित्य और पाण्डुलिपियों के संरक्षण में आजीवन अकादमिक समर्पण; मुकाम एवं समराथल के संतों व पोथीखानों से गहरा संपर्क; जाम्भाणी साहित्य को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने वाले महान विद्वान।
🏛️

संबंधित संस्थागत दायित्व एवं नेतृत्व

संस्थापक संरक्षक, अकादमिक पीठ, शोध संपादक एवं पुरातन छात्र संबंध

1 संस्थान
संस्थापक विद्वान एवं निदेशक

गुरु जम्भेश्वर शोध संस्थान, बीकानेर

गुरु जम्भेश्वर शोध संस्थान के संस्थापक मार्गदर्शक एवं प्रख्यात जाम्भाणी साहित्य शोधकर्ता व सम्पादक।

⭐ विशेष योगदान एवं ऐतिहासिक महत्व

साहित्य अकादेमी द्वारा प्रकाशित ‘जाम्भोजी’ ग्रंथ के लेखक; 140 हरजस परंपरा (परंपरा ‘क’) के आधिकारिक विश्लेषक; जाम्भाणी साहित्य के मूर्धन्य शोधकर्ता।

📖 विस्तृत जीवन वृत्त

डॉ. हीरालाल माहेश्वरी राजस्थान विश्वविद्यालय में हिंदी एवं राजस्थानी के प्रकांड विद्वान व प्राध्यापक थे। उन्होंने जाम्भाणी साहित्य के संपादन और शोध में तीन दशकों से अधिक का समय समर्पित किया। उन्होंने मुक्तिधाम मुकाम, समराथल और बीकानेर के पोथीखानों से प्राचीन पाण्डुलिपियों का संकलन किया। साहित्य अकादेमी की पुस्तक ‘जाम्भोजी’ (1980) तथा ‘जाम्भोजी, विश्नोई सम्प्रदाय और साहित्य’ (1972) के माध्यम से उन्होंने 140 हरजस की प्रामाणिक परंपरा स्थापित की।

📜 प्रमाणित साक्ष्य एवं स्रोत संदर्भ

2 स्वीकृत साक्ष्य
✓ Academic Publication स्तर A (Level A) — शासकीय / प्राथमिक

Sahitya Akademi official monograph series documents Dr. Hiralal Maheshwari as the authoritative national literary biographer and textual critic of Guru Jambheshwar Ji and Jambhani poetry.

प्रामाणिक साक्ष्य स्रोत संदर्भ:
  • Scholarly Research स्तर A (Level A) — शासकीय / प्राथमिक
    Dr. Hiralal Maheshwari. Sahitya Akademi — Makers of Indian Literature: Jambhoji by Dr. Hiralal Maheshwari , Sahitya Akademi, New Delhi (1980)

    National Academy of Letters official monograph analyzing the life, philosophy, and poetic corpus of Guru Jambheshwar Ji and the Jambhani saint-poets, establishing the definitive historical chronology.

✓ Community Connection स्तर A (Level A) — शासकीय / प्राथमिक

Extensive fieldwork across Bishnoi pothikhanas in Mukam, Samrathal Dhora, and Bikaner in direct collaboration with community custodian saints.

प्रामाणिक साक्ष्य स्रोत संदर्भ:
  • Scholarly Research स्तर A (Level A) — शासकीय / प्राथमिक
    Dr. Hiralal Maheshwari. Sahitya Akademi — Makers of Indian Literature: Jambhoji by Dr. Hiralal Maheshwari , Sahitya Akademi, New Delhi (1980)

    National Academy of Letters official monograph analyzing the life, philosophy, and poetic corpus of Guru Jambheshwar Ji and the Jambhani saint-poets, establishing the definitive historical chronology.

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