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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
विक्रम संवत 2083 • शक संवत 1948 • जाम्भाणी संवत 541

पंचांग कैलेण्डर • आज का पंचांग

प्रामाणिक वैदिक सूर्य-सिद्धांत, तिथि, नक्षत्र, चौघड़िया एवं बिश्नोई समाज के पावन पर्व, मुकाम मेला तथा अमावस्या मुहूर्त (चढ़ेगी-उतरेगी)।

🌑 पावन अमावस्या मुहूर्त कल है
कार्तिक अमावस्या
उदया तिथि: 8 नवंबर 2026 (रविवार)
अमावस्या चढ़ेगी (प्रारंभ): 08 Nov, 11:27 AM
अमावस्या उतरेगी (समाप्त): 09 Nov, 12:31 PM

नवंबर 2026

November 2026 हिन्दू मास: कार्तिक - मार्गशीर्ष
🌑
इस माह की अमावस्या उदया तिथि मुख्य व्रत: 8 नवंबर 2026 (रविवार)

अमावस्या मुहूर्त: कब चढ़ेगी एवं कब उतरेगी

अमावस्या चढ़ेगी (प्रारंभ): 08 Nov, 11:27 AM
अमावस्या उतरेगी (समाप्त): 09 Nov, 12:31 PM
पाहल व हवन: प्रातः 06:56 AM से 11:30 AM तक
रवि
सोम
मंगल
बुध
गुरु
शुक्र
शनि
1
सप्तमी कृष्ण पक्ष
2
अष्टमी कृष्ण पक्ष
3
नवमी कृष्ण पक्ष
4
दशमी कृष्ण पक्ष
5
एका.
एकादशी कृष्ण पक्ष
6
द्वादशी कृष्ण पक्ष
7
त्रयोदशी कृष्ण पक्ष
धनतेरस (धनत्...
8
चतुर्दशी कृष्ण पक्ष
चढ़ेगी 08 Nov, 11:27 AM
9
🌑
अमावस्या कृष्ण पक्ष
🌿 सोमवती अमावस्य...
10
प्रतिपदा शुक्ल पक्ष
11
द्वितीया शुक्ल पक्ष
12
तृतीया शुक्ल पक्ष
13
चतुर्थी शुक्ल पक्ष
14
पंचमी शुक्ल पक्ष
15
षष्ठी शुक्ल पक्ष
16
सप्तमी शुक्ल पक्ष
17
अष्टमी शुक्ल पक्ष
18
नवमी शुक्ल पक्ष
19
नवमी शुक्ल पक्ष
20
दशमी शुक्ल पक्ष
21
द्वादशी शुक्ल पक्ष
22
त्रयोदशी शुक्ल पक्ष
23
चतुर्दशी शुक्ल पक्ष
24
🌕
पूर्णिमा शुक्ल पक्ष
पूर्णिमा व्रत
25
प्रतिपदा कृष्ण पक्ष
26
द्वितीया कृष्ण पक्ष
27
तृतीया कृष्ण पक्ष
28
चतुर्थी कृष्ण पक्ष
29
षष्ठी कृष्ण पक्ष
30
सप्तमी कृष्ण पक्ष
संकेत सूची (Legend): आज (Today) 🚩 पावन धाम महापर्व (Canonical Event) 🌑 अमावस्या (Amavasya) 🌑 अमावस्या (Amavasya) 🌕 पूर्णिमा (Purnima) बिश्नोई पावन पर्व (Mukam/Khejarli/Jayanti) एकादशी व्रत रविवार
दैनिक पंचांग विवरण

चुनी गई तिथि: 1 नवंबर 2026 (रविवार)

तिथि: कार्तिक कृष्ण पक्ष सप्तमी • नक्षत्र: पुष्य • योग: साध्य • करण: बव

प्रदर्शित पंचांग तिथि 1 नवंबर 2026 (रविवार)

1 नवंबर 2026 (रविवार)

01 November 2026 • राजस्थान (बीकानेर / जोधपुर क्षेत्र)
🌑 आगामी पावन अमावस्या: कार्तिक अमावस्या (8 नवंबर 2026) — चढ़ेगी: 08 Nov, 11:27 AM | उतरेगी: 09 Nov, 12:31 PM
1. तिथि (Tithi)

सप्तमी

कृष्ण पक्ष समाप्ति: दोपहर 02:54 बजे तक
2. नक्षत्र (Nakshatra)

पुष्य

स्वामी: शनि चरण: 1 (पूर्वाह्न (सुबह) 04:36 बजे तक)
3. योग (Yoga)

साध्य

शुभ योग दोपहर 03:26 बजे तक
4. करण (Karan)

बव

द्वितीय करण शुभ/सामान्य
5. वार (Day)

रविवार

Sunday स्वामिग्रह: सूर्य
🌅 सूर्योदय (Sunrise) 06:51 AM
🌇 सूर्यास्त (Sunset) 05:53 PM
🌙 चंद्रोदय (Moonrise) 11:22 PM
🌑 चन्द्रास्त (Moonset) 01:00 PM
✨

शुभ मुहूर्त (Auspicious Windows)

ब्रह्म मुहूर्त (Brahma Muhurat) ईश्वर स्मरण, जप एवं ध्यान का सर्वोत्तम काल
05:15 AM से 06:03 AM
अभिजित मुहूर्त (Abhijit Muhurat) सर्वकार्य सिद्धिदायक मध्याह्न मुहूर्त
11:58 AM से 12:46 PM
अमृत काल (Amrit Kaal) शुभ व मांगलिक कार्यों हेतु उत्तम काल
09:21 AM से 10:51 AM
⚠️

अशुभ एवं त्याज्य काल (राहुकाल आदि)

राहुकाल (Rahu Kaal) इस काल में नया शुभ कार्य वर्जित माना गया है
04:30 PM से 05:53 PM
यमगण्ड (Yamaganda) अनिष्टकारी अशुभ समय
12:22 PM से 01:45 PM
गुलिक काल (Gulika Kaal) शनि पुत्र गुलिक का त्याज्य काल
03:08 PM से 04:30 PM
दिशा शूल: पश्चिम दिशा में यात्रा से बचें
🕒

चौघड़िया मुहूर्त (Choghadiya Timings)

अमृत/शुभ/लाभ (उत्तम) चल (सामान्य) रोग/उद्वेग/काल (अशुभ)
उद्वेग अशुभ 06:51 AM से 08:14 AM
चल सामान्य 08:14 AM से 09:37 AM
लाभ लाभकारी 09:37 AM से 10:59 AM
अमृत उत्तम 10:59 AM से 12:22 PM
काल हानि 12:22 PM से 01:45 PM
शुभ शुभ 01:45 PM से 03:08 PM
रोग अशुभ 03:08 PM से 04:30 PM
उद्वेग अशुभ 04:30 PM से 05:53 PM

वर्ष 2026 के प्रमुख बिश्नोई पर्व व अमावस्या तिथियां

समस्त 12 अमावस्या, मुकाम धाम मेले, जाम्भोजी जन्मोत्सव, खेजड़ली बलिदान दिवस व पाहल स्थापना दिवस की प्रामाणिक सूची।

कुल पर्व: 17
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

माघ मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

18 जनवरी 2026 (रविवार) उतरेगी: 01:21 AM
केंद्रीय महापर्व व्यतीत

मुकाम फाल्गुन वार्षिक मेला (महापर्व)

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान की पावन समाधि मुकाम धाम (नोखा, बीकानेर) का सर्वोच्च वार्षिक अंतरराष्ट्रीय मेला। लाखों श्रद्धालुओं द्वारा घी-नारियल का विशाल हवन एवं पाहल दीक्षा।

17 फ़रवरी 2026 (मंगलवार) उतरेगी: 05:30 PM
फाल्गुन पूर्णिमा व्यतीत

समराथल धोरा होली महोत्सव

समराथल धोरा व मुकाम धाम में पावन फाल्गुन पूर्णिमा दर्शन।

3 मार्च 2026 (मंगलवार)
पावन धाम मेला व्यतीत

रोटू धाम मेला (नागौर)

उनतीस नियमों अनुसार उपवास, श्री जम्भेश्वर हवन, पाहल एवं जीवदया का संकल्प दिवस।

18 मार्च 2026 (बुधवार) उतरेगी: 06:52 AM
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

वैशाख मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

17 अप्रैल 2026 (शुक्रवार) उतरेगी: 05:21 PM
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

ज्येष्ठ मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

16 मई 2026 (शनिवार) उतरेगी: 01:30 AM
सोमवती व्रत व्यतीत

सोमवती अमावस्या (महापुण्य व्रत)

सोमवार को पड़ने वाली पावन अमावस्या। विश्नोई धर्म के 5वें नियम अनुसार उपवास, हवन एवं जीवदया का विशेष पुण्यकाल।

15 जून 2026 (सोमवार) उतरेगी: 08:23 AM
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

आषाढ़ मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

14 जुलाई 2026 (मंगलवार) उतरेगी: 03:12 PM
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

श्रावण मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

12 अगस्त 2026 (बुधवार) उतरेगी: 11:06 PM
अवतार जयंती व्यतीत

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान प्राकट्य/जन्मोत्सव

संवत 1508 भादवा वदी अष्टमी की अर्धरात्रि को पीपासर धाम में भगवान जाम्भोजी का अवतार हुआ। विश्व भर में हर्षोल्लास व महा-आरती का दिन।

4 सितंबर 2026 (शुक्रवार)
अमावस्या व्रत व हवन व्यतीत

भाद्रपद मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) उतरेगी: 08:56 AM
अमर बलिदान दिवस व्यतीत

खेजड़ली शहीदी दिवस (राष्ट्रीय पर्यावरण दिवस)

संवत 1787 (1730 ई.) को अमृता देवी विश्नोई सहित 363 वीरों-वीरांगनाओं ने हरे वृक्षों की रक्षा हेतु शीश कटवाए। विश्व का पहला पर्यावरण बलिदान।

21 सितंबर 2026 (सोमवार)
विशाल मुकाम मेला व्यतीत

मुकाम आश्विन (आसोज) मेला

मुकाम धाम में आयोजित होने वाला पावन आश्विन मेला। श्री जाम्भाणी समाधि स्थल पर दर्शन एवं हवन।

10 अक्टूबर 2026 (शनिवार) उतरेगी: 09:19 PM
सोमवती व्रत 3 दिन शेष

सोमवती अमावस्या (महापुण्य व्रत)

सोमवार को पड़ने वाली पावन अमावस्या। विश्नोई धर्म के 5वें नियम अनुसार उपवास, हवन एवं जीवदया का विशेष पुण्यकाल।

9 नवंबर 2026 (सोमवार) उतरेगी: 12:31 PM
पंथ स्थापना दिवस 11 दिन शेष

विश्नोई धर्म स्थापना एवं पाहल दिवस (समराथल धोरा)

संवत 1542 (1485 ई.) को समराथल धोरा पर गुरु जाम्भोजी महाराज ने पाहल बनाकर 29 नियमों का उपदेश देकर विश्नोई पंथ की नींव रखी।

17 नवंबर 2026 (मंगलवार)
निर्वाण महोत्सव 26 दिन शेष

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान निर्वाण दिवस (लालासर साथरी)

संवत 1593 में लालासर साथरी में भगवान जाम्भोजी का महाप्रयाण। लालासर साथरी एवं मुकाम धाम में विशेष श्रद्धांजलि सभा व हवन।

2 दिसंबर 2026 (बुधवार)
अमावस्या व्रत व हवन 32 दिन शेष

मार्गशीर्ष मास की पावन अमावस्या

गुरु जाम्भोजी के उनतीस नियमों अनुसार संपूर्ण समाज का उपवास, खेती व व्यापारिक कार्य विराम, पाहल व सात्विक जीवन का पावन दिन।

8 दिसंबर 2026 (मंगलवार) उतरेगी: 06:21 AM
🌑 प्रामाणिक अमावस्या काल-गणना कुल अवधि: 25 घंटे 04 मिनट

अमावस्या मुहूर्त: कब चढ़ेगी एवं कब उतरेगी

सूक्ष्म खगोलीय सूर्य-चन्द्र गति अनुसार तिथि प्रवेश, मोक्ष एवं बिश्नोई धर्म के उनतीस नियमों अनुसार उपवास, पाहल व हवन का समय।

मुख्य व्रत दिवस (उदया तिथि) 8 नवंबर 2026 (रविवार)
1. अमावस्या चढ़ेगी (प्रारंभ)
11:27 AM
8 नवंबर 2026 (रविवार)
चंद्रमा-सूर्य अंतर: 348° (चतुर्दशी अंत)
2. अमावस्या उतरेगी (समाप्त)
12:31 PM
9 नवंबर 2026 (सोमवार)
चंद्रमा-सूर्य युति: 360° (प्रतिपदा आरंभ)
3. उदया तिथि दिवस 🌅
8 नवंबर 2026 (रविवार)
सूर्योदय: 06:56 AM व्रत समाप्ति: 12:31 PM
29 नियमानुसार मुख्य व्रत व पाहल इसी दिन
4. पाहल व हवन मुहूर्त 🥥
प्रातः 06:56 AM से 11:30 AM तक
प्रातःकाल सूर्योदय से पूर्वाह्न शुभ वेला
गुरु जाम्भोजी का पवित्र पाहल व हवन
श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियम

नियम 5: अमावस्या का व्रत रखणा, साखी राखो सुहागणी

पर्यावरणीय संतुलन, पशु-विश्राम, आत्म-शुद्धि एवं पावन पाहल-हवन की अमर परंपरा।

"अमावस्या का व्रत रखणा, साखी राखो सुहागणी।"

भगवान श्री जम्भेश्वर जी ने संवत 1542 में समराथल धोरा (बीकानेर) पर बिश्नोई पंथ की स्थापना करते समय इस नियम को अनिवार्य किया। अमावस्या के दिन धरती माता और हल-बैल जोतने वाले समस्त पशुधन को पूर्ण विश्राम दिया जाता है। इस दिन खेत जोतना, फसल काटना, कुआं चलाना अथवा किसी भी मूक जीव से काम लेना पाप माना गया है।

🥥

1. पाहल एवं हवन संस्कार

अमावस्या की प्रातः काल सूर्योदय बेला में शुद्ध घी, खोपरे व हवन सामग्री से अग्नि में आहुति दी जाती है तथा शब्दवाणी के 121 शब्दों से अभिमंत्रित पाहल ग्रहण किया जाता है।

🌿

2. पशु विश्राम व पर्यावरण दया

कृषि व हल जोतने पर पूर्ण रोक रहती है ताकि धरती व बैलों को एक दिन का प्राकृतिक अवकाश मिले। यह आधुनिक इकोलॉजी और पर्यावरण संरक्षण का विश्व-प्रथम वैज्ञानिक विधान है।

🕊️

3. उपवास एवं सात्विक ध्यान

पूरे दिन अन्न-जल का सात्विक व्रत, ईश्वर स्मरण, जाम्भाणी साखियों का पठन और गौशालाओं व वन्यजीवों को चारा-पानी देकर पुण्य लाभ अर्जित किया जाता है।

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