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Q-SHABD-081-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 81 ('शब्द 81: भल पांखडी पाखंड मंडा') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Bhairav
B Raag Sarang
C Raag Kalyan
D Raag Kedara
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 81 (शब्द 81: भल पांखडी पाखंड मंडा) विशुद्ध रूप से Raag Sarang में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-भल पांखडी पाखंड मंडा, पहला पाप परा छत खंडा। जा पाखंडी क...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-082-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 82 ('शब्द 82: अलख-अलख तू अलख न लखणा,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Bilawal
B Raag Kalyan
C Raag Dhanasri
D Raag Kedara
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 82 (शब्द 82: अलख-अलख तू अलख न लखणा,) विशुद्ध रूप से Raag Kalyan में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-अलख-अलख तू अलख न लखणा, तेरा अनन्त इलोलूं। कौण सी तेरी क...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-083-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 83 ('शब्द 83: जो नर घोड़ै चढै पाग न बांधै') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Kedara
B Raag Todi
C Raag Asavari
D Raag Bilawal
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 83 (शब्द 83: जो नर घोड़ै चढै पाग न बांधै) विशुद्ध रूप से Raag Kedara में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-जो नर घोड़ै चढै पाग न बांधै, ताकी करणी कौण बिचारूं। शुचि...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-084-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 84 ('शब्द 84: मूंड मुंडायो मन न मुंडायो,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Maru
B Raag Todi
C Raag Sarang
D Raag Kalyan
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 84 (शब्द 84: मूंड मुंडायो मन न मुंडायो,) विशुद्ध रूप से Raag Todi में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-मूंड मुंडायो मन न मुंडायो, मुंह अबखल दिल लोभी। अन्हदर द...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-085-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 85 ('शब्द 85: भोम भली कृषाण भी भला,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Kedara
B Raag Bilawal
C Raag Sorath
D Raag Ramkali
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 85 (शब्द 85: भोम भली कृषाण भी भला,) विशुद्ध रूप से Raag Ramkali में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-भोम भली कृषाण भी भला, खेवट करो कमाई। गुरू प्रसाद काया ग...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-086-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 86 ('शब्द 86: जुग जागो जुग जाग पिरांणी,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Bhairav
B Raag Sorath
C Raag Todi
D Raag Ramkali
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 86 (शब्द 86: जुग जागो जुग जाग पिरांणी,) विशुद्ध रूप से Raag Bhairav में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-जुग जागो जुग जाग पिरांणी, कांय जागंता सोवो। भलकै बीर बि...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-087-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 87 ('शब्द 87: जिंह का उमज्ज्या समाघूं') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Todi
B Raag Kedara
C Raag Bilawal
D Raag Asavari
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 87 (शब्द 87: जिंह का उमज्ज्या समाघूं) विशुद्ध रूप से Raag Asavari में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-जिंह का उमग्या समाघूं, तिहिं पंथ के बिरला लागूं। बीजा च...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-088-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 88 ('शब्द 88: गोरख लो') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Kalyan
B Raag Sorath
C Raag Todi
D Raag Kedara
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 88 (शब्द 88: गोरख लो) विशुद्ध रूप से Raag Sorath में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-गोरख लो, गोपाल लो, लाल गवाल लो, लाल लीलंग देवों। नवखंड ...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-089-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 89 ('शब्द 89: उरधक चन्हदा') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Dhanasri
B Raag Gauri
C Raag Todi
D Raag Asavari
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 89 (शब्द 89: उरधक चन्हदा) विशुद्ध रूप से Raag Gauri में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-उरधक चन्हदा, निरधक सूरूं, नव लख तारा नेड़ा न दूरूं। नव ल...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-090-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 90 ('शब्द 90: चोईस चेड़ा कालिंग केड़ा') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Bilawal
B Raag Kedara
C Raag Sarang
D Raag Asavari
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 90 (शब्द 90: चोईस चेड़ा कालिंग केड़ा) विशुद्ध रूप से Raag Bilawal में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-चोईस चेड़ा कालिंग केड़ा, अधिक कलावंत आयसैं। वै फेर आसन, म...'

कठिनाई: medium
Q-SHABD-091-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 91 ('शब्द 91: छंदे मंदे बालक बुद्धे') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Dhanasri
B Raag Gauri
C Raag Asavari
D Raag Bhairav
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 91 (शब्द 91: छंदे मंदे बालक बुद्धे) विशुद्ध रूप से Raag Dhanasri में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-छंदे मंदे बालक बुद्धे, कूड़े कपटे ऋध न सिद्धे। मेरे गुरू...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-092-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 92 ('शब्द 92: काया कोट पवन कुट वाली,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Maru
B Raag Ramkali
C Raag Asavari
D Raag Gauri
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 92 (शब्द 92: काया कोट पवन कुट वाली,) विशुद्ध रूप से Raag Maru में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-काया कोट पवन कुट वाली, कुकर्म कुलफ बणायो। माया जाल भरम ...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-093-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 93 ('शब्द 93: आद शब्द अनाहद बांणी') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Maru
B Raag Sarang
C Raag Asavari
D Raag Ramkali
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 93 (शब्द 93: आद शब्द अनाहद बांणी) विशुद्ध रूप से Raag Sarang में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-आद शब्द अनाहद बांणी, चवदै भवण रहया पाणी। जिहिं पाणी से ...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-094-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 94 ('शब्द 94: सहस्त्र नाम सांई भल शिंभु,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Kalyan
B Raag Todi
C Raag Bilawal
D Raag Gauri
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 94 (शब्द 94: सहस्त्र नाम सांई भल शिंभु,) विशुद्ध रूप से Raag Kalyan में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-सहस्त्र नाम सांई भल शिंभु, म्हे उपना आद मुरारी। जद मैं ...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-095-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 95 ('शब्द 95: बाद बिवाद फिटाकर प्राणी') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Todi
B Raag Kalyan
C Raag Sorath
D Raag Kedara
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 95 (शब्द 95: बाद बिवाद फिटाकर प्राणी) विशुद्ध रूप से Raag Kedara में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-बाद बिवाद फिटाकर प्राणी, छाडो मनहट मन का भाणो। कांही कै...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-096-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 96 ('शब्द 96: सुण गुणवंता') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Todi
B Raag Sorath
C Raag Asavari
D Raag Kalyan
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 96 (शब्द 96: सुण गुणवंता) विशुद्ध रूप से Raag Todi में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-सुण गुणवंता, सुण बुधवंता, मेरी उत्पत्ति आद लुहारूं। भाठ...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-097-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 97 ('शब्द 97: विष्णु विष्णु तूं भण रे प्राणी') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Bilawal
B Raag Sarang
C Raag Todi
D Raag Ramkali
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 97 (शब्द 97: विष्णु विष्णु तूं भण रे प्राणी) विशुद्ध रूप से Raag Ramkali में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-विष्णु विष्णु तूं भण रे प्राणी, जो मन मानै रे भाई। दिनक...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-098-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 98 ('शब्द 98: जिहि गुरू कै खिणही ताऊं,') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Ramkali
B Raag Sorath
C Raag Bhairav
D Raag Kalyan
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 98 (शब्द 98: जिहि गुरू कै खिणही ताऊं,) विशुद्ध रूप से Raag Bhairav में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-जिहि गुरू कै खिणही ताऊं, खिणही सीऊ, खिणही पवणा, खिणही प...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-099-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 99 ('शब्द 99: साच सही म्हे कूड़ न कहिबा') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Asavari
B Raag Kalyan
C Raag Bilawal
D Raag Gauri
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 99 (शब्द 99: साच सही म्हे कूड़ न कहिबा) विशुद्ध रूप से Raag Asavari में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-साच सही म्हे कूड़ न कहिबा, नेड़ा था पण दूर न रहीबा। सदा स...'

कठिनाई: hard
Q-SHABD-100-A • राग व मूल पाठ 🏛️ श्री शब्द वाणी (Shabd Vani)

श्री शब्द वाणी का पावन पद 100 ('शब्द 100: अर्थूं गर्थूं साहण थाटूं') किस शास्त्रीय राग में निबद्ध है?

A Raag Sorath
B Raag Asavari
C Raag Bilawal
D Raag Todi
💡 विस्तृत व्याख्या:

श्री शब्द वाणी का पद संख्या 100 (शब्द 100: अर्थूं गर्थूं साहण थाटूं) विशुद्ध रूप से Raag Sorath में संकलित है। मूल आरंभिक पंक्ति: 'ओ३म्-अर्थूं गर्थूं साहण थाटूं, कूड़ा दीठो ना ठाटों। कूड़ी माया...'

कठिनाई: hard