Skip to main content
विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
✦ शब्दवाणी संग्रह 🏛️ C9.2.1 Authority Corpus Shabad #21 • राग: Raag Asa

शब्द 21 — शब्द 21: जिहिं कै सार असारूं

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान मुखारविंद से उच्चरित पावन वाणी • 120 अमृत शबद

ॐ

✦ मूल शब्दवाणी (अपरिवर्तनीय मूल पाठ • Sacred & Untouched)

ओ३म्—जिहिं कै सार असारूं, पार अपारूं। थाध अथाधूं, उमग्या समांधूं, ते सरवर कित नीरूं। बाजालो भल बाजालो, बाजा दोय गहींरूं। एकण बाजै नीर बरसै, दूजे मही बिरोलत खीरूं। जिहिं कै सार असारूं, पार अपारूं, थाध अथाधूं, उमग्या समांधूं, गहर गंभीरूं। गगन पयालै, बाजत नादूं, धरतल पयालै, नहिं लखायो। दुनियां राति बाद विवादूं, बाद विवादे दाणूं खीणां। ज्यूं पूछे खीणां भंवरी भंवरा, भावै जाण म जाण पिराणी। जोलै का रिप जवरा। भेर बाजातो एक जोजनौं अथवा दोय जोजनौं। मेघ बाजातो पांच जोजनौं अथवा दस जोजनौं। सोई उत्तम लेरे प्राणी, जुगां जुगांणी सत करि जाणौं। गुरु का शब्द ज्यूं बोलो झीणी बाणी। जिहिं का दूरां हूंते दूर सूणीजै, सो शब्द गुणा करूं, गुणा सारूं बले अपारूं।

हिन्दी भावार्थ

भावार्थ — समझने हेतु व्याख्या
यह शब्द उस व्यापक और गहरे सत्य की ओर संकेत करता है जिसकी सीमा को मापना कठिन है। संसार में अनेक प्रकार की ध्वनियाँ और घटनाएँ हैं, लेकिन गुरु का शब्द अत्यंत सूक्ष्म और गहन है। साधक को संसार के विवादों और क्षणभंगुर बातों में उलझने के बजाय गुरु-वाणी को ध्यानपूर्वक सुनना और उसके गहरे अर्थ को समझना चाहिए।

English Translation

Interpretive Rendering & Meaning
This Shabd points toward a profound reality whose depth and extent are difficult to measure. The world contains many sounds and distractions, but the Guru's word is subtle and deeply meaningful. The seeker should not become lost in worldly disputes and temporary concerns. Instead, one should listen carefully to the Guru's word and contemplate its deeper meaning.
✦ मुख्य संदेश (Key Message Takeaway)

स्रोत व संपादकीय विवरण (Source & Editorial Information)

✓ C9.2.1 Provenance Verified
प्रामाणिक स्रोत (Source):
संस्करण / पृष्ठ (Edition/Page):
समीक्षक (Reviewed By):
प्रकाशन स्थिति (Status):
महत्वपूर्ण सूचना व अस्वीकरण (Heritage Disclaimer)

मूल शब्दवाणी को यथासंभव मूल स्रोत के अनुसार संरक्षित किया गया है। हिन्दी भावार्थ और English Translation पाठकों की समझ के लिए प्रस्तुत व्याख्यात्मक सामग्री हैं और मूल शब्दवाणी का स्थान नहीं लेते।

The original Shabd Vani is preserved according to the referenced source as closely as possible. The Hindi meaning and English translation are provided as interpretive aids for readers and do not replace the original text.

अनुक्रमणिका (All 120 Shabds)
शबद शेयर करें (Share This Sacred Shabad)
WhatsApp Facebook X (Twitter) Telegram
📡 ऑफलाइन मोड सक्रिय (Offline Mode Active) आपातकालीन नंबर →