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विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
✦ शब्दवाणी संग्रह 🏛️ C9.2.1 Authority Corpus Shabad #13 • राग: Raag Ramkali

शब्द 13 — शब्द 13: कांयरे मुरखा, तैं जन्म गुमायों

श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान मुखारविंद से उच्चरित पावन वाणी • 120 अमृत शबद

ॐ

✦ मूल शब्दवाणी (अपरिवर्तनीय मूल पाठ • Sacred & Untouched)

ओ३म्—कांयरे मुरखा, तैं जन्म गुमायों, भुंय भारी ले भारूं। जादिन तेरे होमने, जपने, तपने, किरिया, गुरु न चीन्हों पंथ न पायों, अहल गई जमवारूं। ताती बेला ताव न जायों, ठाढ़ी बेला ठारूं। बिंबे बेला विष्णु न जंप्यो, ताते बहुत भई कसवारूं। खरी न खाटी देह बिणाड़ी, थिर न पवना पारूं। अहनिश आव घटती जासी, पाछे कौन पुकारूं।

हिन्दी भावार्थ

भावार्थ — समझने हेतु व्याख्या
मनुष्य को अपना जीवन व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। केवल होम, जप, तप और कर्मकांड करने से आध्यात्मिक लक्ष्य प्राप्त नहीं होता, यदि सच्चे गुरु और सही मार्ग की पहचान न हो। जीवन निरंतर घट रहा है। मृत्यु आने के बाद पश्चाताप या पुकार का अवसर नहीं रहेगा। इसलिए जीवित रहते हुए सत्य, गुरु और धर्म के मार्ग को पहचानना चाहिए।

English Translation

Interpretive Rendering & Meaning
A person should not waste the precious opportunity of human life. Rituals, chanting and austerities alone are insufficient if one has not recognized the true Guru and the right spiritual path. Life is continually diminishing. Once death arrives, there may be no opportunity for regret or correction. Therefore, one should recognize truth, the Guru and Dharma while alive.
✦ मुख्य संदेश (Key Message Takeaway)

स्रोत व संपादकीय विवरण (Source & Editorial Information)

✓ C9.2.1 Provenance Verified
प्रामाणिक स्रोत (Source):
संस्करण / पृष्ठ (Edition/Page):
समीक्षक (Reviewed By):
प्रकाशन स्थिति (Status):
महत्वपूर्ण सूचना व अस्वीकरण (Heritage Disclaimer)

मूल शब्दवाणी को यथासंभव मूल स्रोत के अनुसार संरक्षित किया गया है। हिन्दी भावार्थ और English Translation पाठकों की समझ के लिए प्रस्तुत व्याख्यात्मक सामग्री हैं और मूल शब्दवाणी का स्थान नहीं लेते।

The original Shabd Vani is preserved according to the referenced source as closely as possible. The Hindi meaning and English translation are provided as interpretive aids for readers and do not replace the original text.

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