Skip to main content
विश्नोई एटलस
विश्नोई एटलस धरोहर की खोज • विरासत का संरक्षण
E-E-A-T & Trust Framework

संपादकीय नीति एवं सत्यापन मानक

bishnoiatlas.in पर प्रकाशित प्रत्येक ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सामाजिक तथ्य के संपादन, निष्पक्षता एवं सत्यापन के नियम।

1. मूल सिद्धांत: शून्य मनगढ़ंत इतिहास (Zero Fabricated History)

बिश्नोई समाज डिजिटल मंच का प्राथमिक ध्येय प्रामाणिक, शोध-सम्मत एवं साक्ष्य-आधारित डिजिटल संदर्भ कोष का निर्माण है। किसी भी महापुरुष, संत, ग्राम अथवा बलिदान की घटना को केवल जनश्रुति या भावुकता के आधार पर सत्यापित नहीं माना जाता।

महत्वपूर्ण नियम: किसी भी जीवित अथवा समकालीन व्यक्ति को राजनीतिक या व्यावसायिक लाभ हेतु प्रोफाइल नहीं किया जाता। केवल संवैधानिक सेवा, न्यायपालिका, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा, साहित्य एवं मान्यता प्राप्त खेलों में ऐतिहासिक योगदान देने वाले व्यक्तित्व ही सम्मिलित हैं।

2. द्वि-स्तरीय सहकर्मी समीक्षा (Peer Review Workflow)

हर नया आलेख, संत जीवनी अथवा ग्राम प्रविष्टि एक 4-चरणीय समीक्षा चक्र से गुजरती है:

  • Candidate (उम्मीदवार): प्रारंभिक प्रस्ताव या शोध अभिलेख, सार्वजनिक रूप से गैर-सूचीबद्ध (noindex)।
  • In Review (समीक्षाधीन): शोध दल एवं प्राच्य विद्याविदों द्वारा प्राथमिक संदर्भों (गाइड्स, पोथा, गजेटियर) से मिलान।
  • Approved (स्वीकृत): साक्ष्य स्तर (Level A/B/C) पुष्टि के बाद तैयार प्रविष्टि।
  • Published (सार्वजनिक): सार्वजनिक यूआरएल, सत्यापित कैनोनिकल, एवं सर्च इंजन साइटमैप में सम्मिलित।

3. हितों का टकराव एवं स्वतंत्रता

यह मंच किसी राजनीतिक दल, व्यावसायिक लॉबी या निजी गुट से स्वतंत्र है। यह केवल विश्नोई पंथ के संस्थापक श्री गुरु जम्भेश्वर भगवान के 29 नियमों, प्रकृति-प्रेम एवं प्रामाणिक इतिहास के संरक्षण हेतु समर्पित है।

📡 ऑफलाइन मोड सक्रिय (Offline Mode Active) आपातकालीन नंबर →