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PRACTICE QUESTION VAULT

सार्वभौमिक प्रश्न बैंक व विगत वर्ष प्रश्न

RPSC, REET, UPSC एवं बिश्नोई विद्वत शोध पीठ द्वारा सत्यापित प्रश्नों का अभ्यास करें। प्रत्येक प्रश्न के साथ विस्तृत उत्तर व विधिक संदर्भ उपलब्ध है।

वन्यजीव कानून एवं संरक्षण 🏛️ RPSC RAS Pre / Forest Officer Exam

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की किस धारा के तहत अनुसूची में शामिल किसी भी जंगली जानवर के शिकार पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है?

A धारा 9 (Section 9)
B धारा 11 (Section 11)
C धारा 39 (Section 39)
D धारा 51 (Section 51)
💡 विस्तृत व्याख्या:

वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की धारा 9 स्पष्ट रूप से निर्धारित करती है कि कोई भी व्यक्ति अनुसूची 1, 2, 3 या 4 में निर्दिष्ट किसी भी जंगली जानवर का शिकार नहीं करेगा, सिवाय धारा 11 और 12 में दिए गए अपवादों के।

कठिनाई: मध्यम (Intermediate)
बिश्नोई धर्म दर्शन व इतिहास 🏛️ बिश्नोई विद्वत शोध पीठ

श्री गुरु जाम्भोजी महाराज द्वारा संवत् 1542 (सन् 1485 ई.) की कार्तिक बदी अष्टमी को समराथल धोरे पर दिए गए २९ नियमों में पर्यावरण संरक्षण हेतु कौन सा नियम स्पष्ट रूप से हरे वृक्षों के काटने का निषेध करता है?

A नियम ६: प्रात:काल स्नान करना
B नियम १८: चोरी न करना
C नियम १९: हरे वृक्ष नहीं काटना
D नियम २८: परनिंदा न करना
💡 विस्तृत व्याख्या:

गुरु जाम्भोजी महाराज का नियम १९ "रूख लीलो न घावे" अर्थात जीवित हरे वृक्षों को नहीं काटना पर्यावरण सुरक्षा का मूल मंत्र है, जिसके लिए खेजड़ली में ३६३ शहीदों ने बलिदान दिया था।

कठिनाई: आधारभूत (Beginner)
शिक्षक पात्रता (REET / CTET) पर्यावरण शिक्षण 🏛️ REET Level-1 EVS Pedagogy

पर्यावरण अध्ययन (EVS) की कक्षा में खेजड़ली गांव एवं अमृता देवी के बलिदान का ऐतिहासिक वृत्तांत पढ़ाने का प्रमुख शैक्षणिक उद्देश्य क्या है?

A केवल ऐतिहासिक तिथियों को याद कराना
B विद्यार्थियों में प्रकृति, वन्यजीव एवं वृक्षों के संरक्षण के प्रति संवेदनशील नैतिक दृष्टिकोण का विकास करना
C केवल राजस्थान के भूगोल की परीक्षा लेना
D काष्ठ व्यवसाय के नियमों की जानकारी देना
💡 विस्तृत व्याख्या:

एनसीईआरटी एवं आरबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार खेजड़ली वृत्तांत का मुख्य उद्देश्य बालकों में प्रकृति के प्रति सह-अस्तित्व एवं नैतिक संवेदनशीलता जागृत करना है।

कठिनाई: प्रतियोगी परीक्षा (Advanced)
राजस्थान पारिस्थितिकी एवं वानिकी 🏛️ UPSC CSE / RAS Prelims

राजस्थान का राज्य वृक्ष "खेजड़ी" (Prosopis cineraria) थार मरुस्थल की पारिस्थितिकी में किस कारण से "कल्पवृक्ष" माना जाता है?

A यह भूमि में नाइट्रोजन स्थिरीकरण (Nitrogen Fixation) करता है एवं अकाल में सांगरी व चारा प्रदान करता है
B यह अत्यधिक जल अवशोषित करता है
C यह केवल सजावटी वृक्ष है
D इसकी पत्तियां पशुओं के खाने योग्य नहीं होती हैं
💡 विस्तृत व्याख्या:

खेजड़ी लेग्युमिनोसी कुल का वृक्ष होने के कारण जड़ों में नाइट्रोजन स्थिरीकरण कर मृदा की उर्वरता बढ़ाता है और इसकी सांगरी व पत्तियां (लूम) भयंकर सूखे में भी जीवन रक्षा करती हैं।

कठिनाई: प्रतियोगी परीक्षा (Advanced)